नगर निकाय चुनाव मतगणना 14 सितम्बर को-
मतगणना को लेकर गणना कार्मिकों को दिया गया समुचित प्रशिक्षण,वीसी के माध्यम से दिया रिटर्निग अधिकारियों को सीलिंग का प्रशिक्षण

डीडवाना (kalamkala.in)। जिले के 8 शहरी निकायों में हाल ही में सम्पन्न 9 व 11 सितम्बर के मतदान के सम्बन्ध में अब बारी मतगणना की है। 14 सितम्बर को सभी निकायों के अभ्यर्थियों की किस्मत का फैसला ईवीएम मशीनों से काउंटिंग द्वारा किया जाना है। इसके लिए मतगणना से जुड़े कार्मिकों का प्रशिक्षण शनिवार को डीडवाना के राजकीय बांगड़ कॉलेज में दिया गया।
मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन संपन्न कराने के लिए दिया गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण
जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीना के निर्देशानुसार जिले के सभी नगरीय निकायों के गणना सुपरवाइजर और गणना सहायकों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के माध्यम से मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराने के संबंध में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीडवाना-कुचामन जिले के सभी निकायों से कुल 124 गणना सुपरवाइजर (सीएस) और गणना सहायकों (सीए) ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही, मतगणना व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रत्येक निकाय से 8-8 रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) टीम के सदस्यों ने भी प्रशिक्षण में भाग लेकर मतगणना के तकनीकी और विधिक पहलुओं की बारीकियों को समझा।
कंट्रोल यूनिट से रिजल्ट निकालने सहित पूरी प्रक्रिया बताई
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा ईवीएम के कंट्रोल यूनिट से परिणाम निकालने, राउंडवार मतगणना की प्रविष्टि करने, मतों की गणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और भारत निर्वाचन आयोग के नवीनतम दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
वीसी के माध्यम से हुआ सीलिंग का प्रशिक्षण
इसी क्रम में शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिले के सभी रिटर्निंग अधिकारी (आरओ), सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) और उनके स्टाफ को एसडीएमएम सीलिंग की प्रक्रिया से संबंधित गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस दौरान जिला मास्टर ट्रेनर रघुवीर सिंह ने सम्पूर्ण सीलिंग प्रक्रिया की तकनीकी और विधिक बारीकियों की जानकारी दी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लाइव डेमो देते हुए बताया कि मतदान और मतगणना से जुड़े विभिन्न चरणों में दस्तावेजों और सामग्रियों को किस प्रकार सुरक्षित और त्रुटिहीन तरीके से सील किया जाना है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीलिंग की इस प्रक्रिया में आयोग के नियमों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए, ताकि पूरी चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।


