आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर दिया जोर, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान का जसवंतगढ़ एवं लाडनूं पुलिस थानों का दौरा,
की जनसुनवाई, सीएलजी सदस्यों से संवाद एवं अनुसंधान अधिकारियों की बैठक के माध्यम से कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आमजन की समस्याओं की समीक्षा

लाडनूं (kalamkala.in)। पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान का मंगलवार को जसवंतगढ़ एवं लाडनूं दौरा रहा, जिसमें उन्होंने जनसुनवाई की एवं सीएलजी सदस्यों से संवाद करने के साथ ही अनुसंधान अधिकारियों की बैठक करके कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आमजन की समस्याओं के बारे में समीक्षा भी की।इसके तहत पुलिस थाना जसवंतगढ़ में सीएलजी बैठक एवं जनसुनवाई आयोजित की जाकर एसपी ने आमजन की समस्याएं सुनीं तथा मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।सीएलजी बैठक में क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आमजन की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें जसवंतगढ में रोडवेज बसों के बाईपास रोड से ही निकल जाने, स्कूल बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाए जाने तथा साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों सहित विभिन्न स्थानीय समस्याओं पर संज्ञान लिया गया। जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक शिवरान ने परिवादियों की समस्याएं गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष एवं नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए। पुलिस थाना लाडनूं में एसपी ने अनुसंधान अधिकारियों की बैठक लेकर पुलिस मुख्यालय की मंशा के अनुरूप अनुसंधान की गुणवत्ता, लंबित प्रकरणों एवं प्रभावी पुलिसिंग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संवाद द्वारा जानी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था एवं आमजन की समस्याएं
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान, आईपीएस द्वारा मंगलवार को पुलिस थाना जसवंतगढ़ का दौरा किया गया। इस दौरान सीएलजी एवं शांति समिति सदस्यों, पुलिस मित्रों तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों के साथ बैठक एवं संवाद आयोजित कर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था एवं आमजन की समस्याओं के संबंध में फीडबैक लिया गया। विभागीय निर्देशों के अनुरूप जनसुनवाई को आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान सीएलजी सदस्यों द्वारा पुलिस अधीक्षक का साफा एवं माला पहना कर स्वागत किया। बैठक के दौरान सीएलजी सदस्यों द्वारा जसवंतगढ़ क्षेत्र की विभिन्न स्थानीय समस्याओं से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया गया। एक सदस्य द्वारा अवगत कराया गया कि रोडवेज बसें जसवंतगढ़ कस्बे में प्रवेश किए बिना सीधा बाईपास से निकल जाती हैं, जिससे यात्रियों और विशेष रूप से महिलाओं एवं बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस अधीक्षक ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को पत्र लिखकर उचित स्तर पर समस्या के समाधान हेतु प्रकरण पहुंचाने की बात कही। इसी प्रकार एक अन्य सदस्य द्वारा क्षेत्र के निजी विद्यालयों में बच्चों को लाने-ले जाने वाली बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने की समस्या बताई गई। इस पर पुलिस अधीक्षक ने थानाधिकारी जसवन्तगढ़ को आस-पास के विद्यालय संचालकों की बैठक आयोजित कर आवश्यक समझाइश एवं व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निर्देशों की पालना नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया।
जनसुनवाई में परिवादियों की समस्याएं सुनीं
थाना परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान विभिन्न परिवादी अपनी समस्याएं एवं शिकायतें लेकर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक परिवादी की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। जनसुनवाई के दौरान कुछ परिवादों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एक परिवादी द्वारा साइबर अपराध से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की गई, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने थानाधिकारी को प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करते हुए नियमानुसार प्रभावी एवं त्वरित निदान सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि जनसुनवाई केवल शिकायत प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समीक्षा की जाए तथा परिवादी को समयबद्ध राहत सुनिश्चित की जाए। यह व्यवस्था पुलिस मुख्यालय के उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें शिकायतकर्ता की पुलिस अधिकारी तक पहुंच तथा शिकायत के वास्तविक, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान को जनसुनवाई का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।
थाने की कार्यप्रणाली एवं अपराध नियंत्रण की समीक्षा: जनसुनवाई एवं सीएलजी
बैठक के पश्चात पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान क्राइम रिकॉर्ड की समीक्षा, मालखाना एवं लंबित माल के निस्तारण की स्थिति की जानकारी तथा थाना परिसर की साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देशित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध को वर्तमान समय की गंभीर एवं जटिल चुनौती बताते हुए साइबर अपराध संबंधी शिकायतों एवं प्रकरणों पर प्राथमिकता के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रात्रि गश्त एवं असामाजिक गतिविधियों पर विशेष निगरानी के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। विशेष रूप से शाम 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान आवारा एवं संदिग्ध युवकों, अवैध वाहनों तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शराब की दुकानों के निर्धारित समय पर बंद होने तथा दुकानों के आसपास शराब परोसे जाने की गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
पुलिस-जन सहभागिता को मजबूत करने पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने सीएलजी एवं शांति समिति सदस्यों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में अपराध की रोकथाम, नशे के विरुद्ध जागरूकता, साइबर अपराध से बचाव तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के संबंध में आमजन को जागरूक करने में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं की जानकारी पुलिस तक समय पर पहुंचाना और अपराध की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी निभाना पुलिस-जन सहयोग को और मजबूत करता है। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना जाए, शिकायतों पर निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई की जाए तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाए। इस अवसर पर थाना जसवंतगढ़ के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, सीएलजी एवं शांति समिति सदस्य, पुलिस मित्र तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



