लाडनूं की पंचायतों में करोड़ों का घपला, व्यापक जांच जरूरी-
ग्राम पंचायत निम्बी जोधां में एफ एफसी एवं मनरेगा योजना के कामों में भारी घपला, सात सालों के रिकॉर्ड की व्यापक जांच की मांग,
बिना काम किए ही लोगों के खातों में भेजे मजदूरी के पैसे और ठेकेदार ने भूल होना बता कर वापस निकलवाए, बीडीओ व एसडीएम को की शिकायत
लाडनूं (kalamkala.in)। ग्राम पंचायतों में होने वाले कामों में मजदूरी के नाम पर होने वाले लाखों के घोटाले के बारे में हाल ही में खुलासा हुआ है। निम्बी जोधां में खुल कर सामने आए इस मामले में सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी और ठेकेदार की आपसी मिलीभगत से लाखों का वारा-न्यारा कर लिया गया। इस सम्बन्ध में निम्बी जोधां के एक प्रमुख स्वर्णकार व्यवसायी सहित विभिन्न कार्यों में रत अन्य अनेक लोगों को ग्राम पंचायत ने दैनिक मजदूर बताते हुए मस्टर रोल भरे और उनके मजदूरी पेटे लाखों रुपए उठा लिए, जबकि सारा काम ठेके पर बहुत कम मजदूरी में सम्पन्न करवा लिया गया था। ग्राम पंचायतों में होने वाले कामों में मजदूरी के नाम पर होने वाले लाखों के घोटाले के बारे में हाल ही में खुलासा हुआ है। निम्बी जोधां में खुल कर सामने आए इस मामले में सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी और ठेकेदार की आपसी मिलीभगत से लाखों का वारा-न्यारा कर लिया गया।
लाडनूं क्षेत्र की लगभग सभी पंचायतों में हुए हैं घोटाले
बताया जाता है कि लाडनूं क्षेत्र की अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसी प्रकार की प्रेक्टिस चलती रही है। अगर सभी ग्राम पंचायतों के हाल ही में सम्पन्न हुए समूचे कार्यकाल के सभी कामों की व्यापक जांच की जावे, तो करोड़ों का घपला सामने आ सकता है। कम से कम वित्त आयोग और मनरेगा के तो समी कामों, मस्टररोल्स, भुगतान आदि की विस्तार से और हर पहलू को शामिल करते हुए व्यापक व निष्पक्ष जांच की जाए, तो सरकार के करोड़ों रुपयों की पुनर्वसूली संभव हो सकती है। शिकायत कर्ता सम्पत सोनी ने तो केवल एक ही ग्राम पंचायत के सात साल के कार्यकाल में 40 लाख के घोटाले के आरोप लगाए हैं। निम्बी जोधां के इस स्वर्ण व्यवसायी सम्पत सोनी ने इस मामले को लेकर यहां पंचायत समिति के विकास अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी के समक्ष शिकायत करते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। इसमें बताया गया है कि पंचायत समिति की ग्राम पंचायत निम्बी जोधा के सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी द्वारा एफ.एफ.सी. (पन्द्रहवें वित आयोग) के तहत करवाए गए काम व नरेगा योजना में पद का दुरुपयोग करके गंभीर वित्तीय गबन, धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा किया गया, जिसकी जांच कर तुरंत कानूनी कार्रवाई एवं पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने व दोषी को निलंबित करने की मांग की गई है।
बिना काम के फर्जी मस्टररोल भरे जाकर किया लाखों का गबन
इस पत्र में बताया गया है कि ग्राम पंचायत निम्बी जोधा के वर्तमान सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सरकारी धन के गबन करने के लिए गंभीर आपराधिक साजिश रची गई है। इसमें इन्होंने बिना कार्य करवाए ही फर्जी भुगतान किया। उसने (सम्पत सोनी ने) कभी भी एफएफसी (पन्द्रहवां वित आयोग) के तहत किसी भी कार्यस्थल पर कोई श्रम या मजदूरी का कार्य कभी नहीं किया। इसके बावजूद उसके बैंक खाते में नरेगा मजदूरी की राशि अवैध रूप से ट्रांसफर की गई। एफएफसी (पन्द्रहवा वित आयोग) के नियमों के अनुसार किसी भी श्रमिक को भुगतान तभी होता है, जब उसका जॉब कार्ड सक्रिय हो, सरपंच व ग्राम सेवक द्वारा मस्टरोल जारी किया गया हो, कार्यस्थल पर उसकी दैनिक हाजिरी भरी गई हो और अंत में भुगतान की फाइल (एफटीओ) डिजिटल हस्ताक्षर से पास की गई हो। वह स्वयं कभी काम पर गया ही नहीं, जिससे स्पष्ट है कि सरपंच और ग्राम सेवक ने आपसी मिलीभगत करके उसके नाम से फर्जी मस्टरोल भरा है, फर्जी हाजिरी लगाई है और सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी की है। उसे इस फर्जीवाड़े की कोई पूर्व सूचना या जानकारी विभाग अथवा ग्राम पंचायत द्वारा नहीं दी गई। जबकि उसके नाम और साख का इस्तेमाल करके इस बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया गया है, जो कि कानूनन एक गंभीर अपराध है। यह मामला सीधे तौर पर राजकोष (सरकारी धन) की चोरी, पद के दुरुपयोग और सीधे-सीधे भ्रष्टाचार का है। यदि उसके खाते की गहनता से जांच की जाए, तो इस पूरे पंचायत क्षेत्र में चल रहे एक बहुत बड़े नरेगा घोटाले का भंडाफोड़ हो सकता है, जिसमें कई निर्दोष ग्रामीणों के नाम पर फर्जी भुगतान उठाए जा रहे हैं।
सात सालों के रिकॉर्ड की हो व्यापक जांच और एफआईआर की मांग
पत्र में मांग की गई है कि इस आपराधिक कृत्य के लिए जिम्मेदार सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम सेवक) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाना, सरकारी धन का गबन की एफआईआर पुलिस में दर्ज करवाई जाए। तथा दोषी कर्मचारियों का तुरंत निलंबनः किया जाकर जांच की जाए, ताकि जांच-कार्य प्रभावित न हो। संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही सरपंच के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की जाए। ग्राम पंचायत निम्बी जोधां के एफएफसी और नरेगा से जुड़े पिछले 7 वर्ष के सभी मस्टरोल, जॉब कार्ड रजिस्टर और ऑनलाइन एफटीओ रिकॉर्ड को तुरंत जब्त कर उच्च स्तरीय कमेटी से इसकी गहन फॉरेंसिक व भौतिक जांच करवाई जाए। साथ ही उसके बैंक खाते में आई इस अवैध सरकारी राशि को वापस सरकारी कोष में जमा करवाए जाने के सम्बन्ध में की जाने वाली कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन व उसकी रसीद प्रदान करवाई जाए। शिकायत पत्र की प्रतियां जिला कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री सतर्कता विभाग को भी भेजी गई है।
इनका कहना है
करवाई जाए पूरे 40 करोड़ के घोटाले की जांच
सरपंच, ठेकेदार और ग्राम सेवक ने मिलकर 2023 में मुझे फर्जी तरीके से मस्टररोल में मजदूर दिखाया गया है, जबकि मैंने कभी कोई मजदूरी नहीं की। उन्होंने मेरे बैंक खाते का दुरुपयोग भी किया है। मेरी गांव में बेइज्जती की गई कि यह सम्पन्न व्यक्ति भी मजदूरी करता है। इस ग्राम पंचायत में हजारों कामों में घोटाले हुए हैं और कुल 40 लाख रुपयों का घोटाला हुआ है, जिसकी पूरी जांच मैं चाहता हूं। – सम्पत सोनी, ज्वैलर्स, निम्बी जोधां (लाडनूं)।
।



