अपने बच्चों के फोटो-वीडियो पोस्ट करके नहीं लगाएं उनकी सुरक्षा को दांव पर नहीं,
साइबर क्राइम और अन्य अपराधियों से बचाव के लिए पुलिस की गाइडलाइन का पालन जरूरी
जयपुर (kalamkala.in)। अगर कोई अपने बच्चों के वीडियो, फोटो और उनकी अन्य गतिविधियों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, तो स्वयं अपने ही बच्चों के लिए अनेक प्रकार के खतरे पैदा करते हैं। इस सम्बन्ध में पुलिस द्वारा सुझाए गए बचाव के प्रयासों को अमल में लाकर अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। आइए मिलकर राजस्थान के हर बच्चे के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करें।
लाईक, कमेंट्स की होड़ में बच्चों की सुरक्षा दांव पर न लगाएं
डिजिटल युग में हमारे बच्चों की सुरक्षा केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया के इस खुले मंच पर भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।जाने-अनजाने में बच्चों के स्कूल की यूनिफॉर्म, आईडी कार्ड, रोजाना जाने वाले रास्ते या लाइव लोकेशन के साथ तस्वीरें पोस्ट करना साइबर अपराधियों और असामाजिक तत्वों को न्यौता देने जैसा हो सकता है। ‘Likes’ और ‘Comments’ की होड़ में बच्चों की Online Privacy और सुरक्षा को दांव पर न लगाएं।
तस्वीरों को पोस्ट करने से पहले रुकें और सावधानी बरतें
तस्वीरें पोस्ट करने से पहले थोड़ा ठहरें, प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करें और लोकेशन टैग हटाना न भूलें। आपकी थोड़ी सी समझदारी और सतर्कता आपके बच्चे का भविष्य सुरक्षित रख सकती है। याद रखें, आपकी सतर्कता ही उनकी सुरक्षा है। ऐसी किसी भी प्रकार के संदेहास्पद स्थिति में घबराएं नहीं, तुरंत child helpline 1098 या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। इसके अतिरिक्त आप WhatsApp नंबर: 9256001930, 9257510100 अथवा cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।



