क्या आचार संहिता निष्प्रभावी होगी, हुडास में धड़ल्ले से विकास करने पर तुले हैं अधिकारी, कर्मचारी या ठेकेदार? बीडियो ने कहा आज ही उनके ध्यान में आया, नहीं होने देंगे कोई काम, डाले गए पाइपों पर दी प्रतिक्रिया 

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क्या आचार संहिता निष्प्रभावी होगी, हुडास में धड़ल्ले से विकास करने पर तुले हैं अधिकारी, कर्मचारी या ठेकेदार?

बीडियो ने कहा आज ही उनके ध्यान में आया, नहीं होने देंगे कोई काम, डाले गए पाइपों पर दी प्रतिक्रिया

लाडनूं (kalamkala.in)। पंचायत राज चुनाव का प्रचार परवान पर है और सभी प्रत्याशी अपने-अपने ढंग से मतदाताओं को लुभाने-रिझाने के हथकंडों को अपनाने में जुटे हुए हैं। इधर जानकारी में आया है कि आचार संहिता प्रभावी होने के बावजूद यहां अधिकारी, कर्मचारी वगैरह तक अनधिकृत रूप से आनन-फानन में कुछ कामों को करवाने के लिए प्रयासरत हैं। इस तरह से खुलेआम चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन होना संभावित बन गया है। क्षेत्र की ग्राम पंचायत हुडास में चुनाव के बीच वोटर्स को प्रभावित करने के लिए पानी निकासी की समस्या के समाधान के लिए कुछ पाईप आदि लाकर सड़क तोड़ कर वहां उन्हें लगाने का काम करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए गुरूवार वहां ट्रकों से बड़ी संख्या में बड़े-बड़े पाइप लाकर डाले गए हैं। निर्वाचन विभाग को इस पर संज्ञान लेकर सक्षम कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि आदर्श आचार संहिता का पूरा पालन किया जा सके। हुडास में लाकर डाले गए इन पाइपों को लेकर लोगों में खासी चर्चाएं चल रहीं हैं। लोगों का कहना है कि इससे पहले हुडास में आनंद-फानन में ही एक सीसी रोड भी बनाई गई थी। अब उसी रोड को वापस तोड़ा जाकर वहां पाइप डालने का प्रयास किया जाना है। पंचायत समिति के विकास अधिकारी की ओर से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चुनावी अधिसूचना लागू होने के समय हुडास ग्राम पंचायत में क्या-क्या और कितना वर्क प्रोग्रेस में था और कितना प्रतिशत उसमें काम हो गया था और उसके बाद नये सिरे से कौन-कौन से काम स्टार्ट किए गए हैं और कौन से काम तब तक स्टार्ट नहीं किए गए थे‌? लोग चुनाव को प्रभावित करने के सम्बन्ध में तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।

इनका कहना है

पाइपों की सप्लाई आ गई थी, तो उन्हें वहां मौके पर डलवाया गया है। कार्यादेश पहले दे दिया गया था, लेकिन अब कोई काम नहीं होगा। मैंने काम बंद रखने के लिए बोल दिया है। आचार संहिता के दौरान कोई काम नहीं किया जाना है। मैं अभी मौलासर हूं और सप्ताह में दो दिन लाडनूं आता हूं।

– उम्मेद राम, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, लाडनूं।

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Author: kalamkala

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