लाडनूं में 4 जिलों के 30 शिक्षकों को दिया ‘शिक्षक गौरव सम्मान’

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लाडनूं में 4 जिलों के 30 शिक्षकों को दिया ‘शिक्षक गौरव सम्मान’

सुभाष बोस स्कूल में हुआ सीएमसी का समारोह

लाडनूं। स्थानीय कॅरिअर मंत्र संस्थान के तत्वावधान में यहां गौरव पथ स्थित सुभाष बोस उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक गौरव सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कुल 30 शिक्षकों का सम्मान किया गया। इसमें 4 जिलों सीकर, चूरू, झुंझुनू, नागौर जिलों में सेवारत व सेवानिवृत 30 शिक्षकों का सम्मान किया गया। इनमें मंजू चौहान, सुरेंद्रसिंह जोधा, डॉ. अलका शर्मा जसवंतगढ़, शक्तिसिंह चौहान, रचना बालानी, पुखराज जांगिड़, हर्षिता जैन, युसूफ खान, जितेंद्र सिंह, सदासुख कोठारी, भंवरलाल सैनी, मनोज स्वामी, महेश शर्मा, चैनरूप जांगिड़, आनंदसिंह तोमर, रामबाबू शर्मा, भंवरलाल मील, अर्जुनराम, रवींद्र मण्डा, अभिषेक चारण, प्रेमाराम बाकलिया, किशनाराम जाट, सुभाषचंद धोजक बड़ी खाटू, विनोदकुमार सैन थाणु, बजरंग लाल कुम्हार छापर, दिनेश कुमार झुंझुनू, डॉ. कमला शर्मा जिली, स्नेहप्रभा शर्मा सुजानगढ़, मधु शेखावत सुजानगढ, बजरंग लाल जेठू सीकर आदि को शिक्षक गौरव सम्मान प्रदान करते हुए अभिनंदन पत्र, शॉल आदि प्रदान किये गये।

दिवंगत शिक्षक का सम्मान

इनमें दिवंगत शिक्षक की सेवाओं का सम्मान करते हुए लाडनूं के प्रतिष्ठित जेबी विद्यालय व जौहरी विद्यालय के संस्थापक शिक्षकों में से एक रहे स्वर्गीय सदासुख कोठारी की सेवाओं का सम्मान करते हुए उनके परिजनों का सम्मान किया गया। इनके अलावा सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में संसाधनों की कमी को अजय सिंह चौरड़िया के ट्रस्ट की ओर से पूर्ण करवाने वाले युवा समाजसेवी मूलचंद घोसल का सम्मान भी किया गया।

जीवन-परिवर्तन का सूत्रधार है शिक्षक

समारोह के मुख्य अतिथि श्री माधव कॉलेज के निदेशक व भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गजेंद्रसिंह ओड़ींट ने कहा कि जीवन में परिवर्तन का सूत्रधार शिक्षक ही होता है। इसीलिए उसे महान कहा गया है। शिक्षक बालपन से लेकर युवावस्था तक निरन्तर बच्चे को गढता, संवारता, निखारता है और उसे जीवन व राष्ट्र के लिए सुपात्र बनाता है। विशिष्ट वक्ता सेवानिवृत शिक्षक जगदीश प्रसाद पारीक ने कहा कि शिक्षक सदैव बिना किसी भेदभाव के विद्यार्थी के संपूर्ण विकास का कार्य करते हैं, इसीलिए उन्हें समाज में सर्वत्र सम्मान मिलता है। विशिष्ट अतिथि दिल्ली से समागत प्रवासी समाजसेवी राजकुमार कोठारी ने व्यक्ति के निर्माण में शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया।

शैक्षिक मूल्यों के तिरोहित होने में भी शिक्षक की भूमिका

समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए मोटिवेटर गुरू शंकर आकाश ने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का सूत्रधार होने से ही गुरू कहे जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस गति से शिक्षा के मूल्य तिरोहित हो रहे हैं, उसके मूल में अध्यापक और अभिभावक ही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एसबीएस के संस्थापक भंवरलाल मील ने कहा कि जीवन निर्माण में ही नहीं, बल्कि जीवनपर्यंत शिक्षकों का मार्गदर्शन लेने से अनेक समस्याओं का समाधान होना संभव है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पालिका उपाध्यक्ष मुकेश खिंची, पंचायत समिति सदस्य रामनिवास पटेल, महंत गौतम दत्त शास्त्री, समाजसेवी उम्मेददान चारण, राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक शिवशंकर बोहरा, पार्षद नौशाद अली सिसोदिया, रमन चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

ये सब रहे उपस्थित

कार्यक्रम में ओसवाल समाज के सरपंच नरेंद्र सिंह भूतोड़िया, लाड मनोहर विद्यालय व्यवस्थापक सुरेश कुमार मोदी, विजय गोपाल कट्टा, सीताराम टेलर, विनोद परिहार, अजीत पारीक, जीतमल टाक, अनिल फुलवारिया, मुकुल आकाश, आलोक कोठारी, अविनाश लोहिया, जगदीश घिंटाला, रामगोपाल मील, सूरजपाल रोड़ा संतोष कुमार भोजक आदि उपस्थित थे। अंत में सीएमसी की निदेशक सुनीता वर्मा ने आभार ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में नगर के गणमान्य व्यक्तियों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

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Author: kalamkala

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