देशनोक से कई किलोमीटर दूर से ही लौटा दिया गया बसों को, बसें खराब होने से खासे परेशान हुए कार्यकर्ता,
लाडनूं से हजारों लोग गए देशनोक पीएम को सुनने, पर वाहनों में हुई कतिपय अव्यवस्थाओं के कारण हुए परेशान



देशनोक/ लाडनूं (kalamkala.in)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर देशनोक जाने वाले लोगों को प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और लापरवाही के चलते बड़ी संख्या में तपती धूप में लोगों को परेशान होना पड़ा और सभास्थल या करणी माता मंदिर पहुंचे बिना ही यू-टर्न करके लौटना पड़ा। पुलिस ने देशनोक से 40-45 किमी पहले ही वाहनों को रोकना शुरू कर दिया तथा रास्ता बदल कर वहां से निकलने और वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। अपने लोकप्रिय राष्ट्रनायक को देखने-सुनने की उनकी लालसा धरी की धरी रह गई। साथ ही आराध्या देवी करणी माता के दर्शनों के लाभ से भी वंचित रह जाना पड़ा। परेशानियां तो लोगों के लाडनूं से रवाना होते ही शुरू हो गई। उपखंड क्षेत्र के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ बैठक बुधवार को शाम 6 बजे बाद रखी जाने से तैयारियों में विलम्ब हुआ और फिर बसों की सूची उपलब्ध करवाने में ही रात के 8 बजा दिए गए, जिससे कार्यकर्ताओं को सूचित किए जाने में अनावश्यक देरी हुई। इसमें परिवहन विभाग के साथ ही रसद विभाग ने भी कोताही बरती। वाहनों को ईंधन के लिए भी भटकना पड़ा। भोजन व्यवस्था को भी लोगों ने ढंग से पार डालना नहीं बताया। धूप, गर्मी व लू में जहां बाजार सूने हो जाते हैं, वहां देशनोक जाने वालों को प्रशासनिक कमजोरियों के चलते भटकना और परेशान होना पड़ा। अनेक खटारा वाहन भी भेज दिए जाने से बीच रास्ते ही वे खराब हो गए और लोगों को एक गाड़ी में दो-दो गाड़ियों की सवारियां ठूंसनी पड़ी। अनेक बसें तो पूरी असुविधाजनक होने से लोगों को गर्मी में परेशान होना पड़ा। महिलाओं और बूढे-बुजुर्गों को अत्यधिक परेशानियां झेलनी पड़ी।
भोजन और डीजल की अव्यवस्था को लेकर खीझे लोग
देशनोक के लिए जाने वाली सभी बसों में सवार सभी कार्यकर्ताओं के लिए भोजन के पैकेट सप्लाई करने की व्यवस्था की गई थी। ग्राम सुनारी में इस दौरान कुछ धांधली देखने को मिली। बाद में इन बसों में फ्यूल आपूर्ति के दौरान उन्हें तीन-चार पैट्रोल पम्पों पर जाना पड़ा। इन सबसे बसों के प्रस्थान में अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ा। इसका परिणाम यह रहा कि देशनोक में उन्हें सभास्थल से कई किलोमीटर दूर ही रोक दिया और अनेक बस वालों को वापस भी भेज दिया गया। तेज चिलचिलाती धूप, लू के थपेड़ों और पसीने से तरबतर लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देखने-सुनने और करणी माता के दर्शनों के लिए लोगों को इस तरह से लौटना बहुत ही नागवार गुजरा। उन्हें अनेक स्थानों पर पुलिस व प्रशासन के असहयोग की स्थिति का सामना भी करना पड़ा।
लोगों में का भारी जुनून, सब मायूसी में बदल गया
यहां से भाजपा नेता ठाकुर करणीसिंह के नेतृत्व में बसों में भर कर नागरिकगण व कार्यकर्ता गुरुवार को सुबह 6 बजे से ही रवाना होना शुरू हो गए। लाडनूं विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों से लोगों में देशनोक जाने का जुनून सा देखने को मिला। कई स्थानों पर तो बसें ही छोटी पड़ गई। बसों की व्यवस्था कम से कम 50-50 सीटर की करवाई जानी थी, लेकिन कुछ स्थानों पर बसें छोटी भिजवा दी जाने से लोगों को मायूसी हाथ लगी। लोग भारी संख्या में पीएम मोदी की आमसभा में पहुंचने को लालायित नजर आए। लाडनूं से कुल 60 बसें देशनोक के लिए रवाना की गई, जिनमें 3 हजार से अधिक लोग यहां से रवाना हुए। इस बीच हल्की-फुल्की अव्यवस्थाओं के आरोप भी लगाए गए। इन सबके बावजूद जो देशनोक तक पहुंच गए, उनको भी वहां पुलिस ने सारे मार्ग अवरूद्ध करके वाहनों को लौटाना शुरू कर दिया। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार एक हजार से अधिक वाहनों को देशनोक से काफी किलोमीटर दूर से ही वापस कर दिया गया।
लाडनूं से 60 बसें देशनोक के लिए रवाना की गई
लाडनूं में भाजपा नेता करणी सिह और भाजपा कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में लाडनूं विधानसभा में सारी बसों को रवाना किया गया। लाडनूं शहर के विभिन्न स्थानों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के निम्बी जोधां, ओड़ींट, सुनारी, हीरावती, हुडास, लेड़ी, खामियाद, जसवंतगढ़, रोडू, रिंगण, सारड़ी, छपारा, सांवराद, बाकलिया, दुजार, मगलपुरा, लाछडी आदि क्षेत्रों से बसें भर कर रवाना की गई। पूर्व मंडल अध्यक्ष नितेश माथुर, गोविंद सिंह कसूम्बी, सुशील शर्मा, दीपक जांगिड़, एलके शर्मा, सुरेश खींची आदि सभी स्थानों पर व्यवस्थाओं के लिए जुटे हुए रहे। गौतम दत्त शास्त्री, पार्षद सुमित्रा आर्य, नारायण लाल शर्मा, सुरेश खींची आदि की अगुवाई में पीएम की रैली के लिए यहां से बसें रवाना की गई। इनमें से काफी बस चालकों ने देशनोक से बहुत पहले ही गाड़ियां रोक कर कहा दिया कि वे नहीं जाएंगे। एक बस चालक द्वारा तो कार्यकर्ताओं से 50-50 रुपए प्रति व्यक्ति तक वसूल कर लिए। इस तरह विभिन्न अव्यवस्थाओं, मनमानियों, लापरवाहियों के चलते सबको परेशान होना पड़ा।







