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‘काश कै लोग समझ पाते, मतलब आंख के पाणी को’, लाडनूं मे नववर्ष पर काव्य गोष्ठी ‘सृजन संध्या का आयोजन

‘काश कै लोग समझ पाते, मतलब आंख के पाणी को’,

लाडनूं मे नववर्ष पर काव्य गोष्ठी ‘सृजन संध्या का आयोजन

लाडनूं। स्थानीय सामाजिक संस्था श्री ओसवाल सभा के तत्वावधान में नव वर्ष के आगमन पूर्व काव्य संगोष्ठी ‘सृजन संध्या’ का आयोजन किया गया। ओसवाल सभा भवन में आयोजित इस काव्य गोष्ठी में नगर के अनेक कवियों ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वरिष्ठ कवयित्री प्रेम बेगवानी की अध्यक्षता में हुई इस गोष्ठी के मुख्य अतिथि चैन्नई प्रवासी समाजसेवी उद्योगपति उम्मेदसिंह बोकड़िया एवं विशिष्ट अतिथि जोधपुर की शिक्षिका ज्योति ओझा व चैन्नई प्रवासी व्यवसायी बसंत नाहटा थे।

वक्त की गिरफ्त से एक बार फिर साल का आखरी लम्हा गुजरने को है

काव्य संगोष्ठी में युवा शायर प्रकाश जांगीड़ ने ‘खुशामद कर बुलंदी पर हमें टिकना नहीं आया…’, ‘किसी पत्थर को तुम छू लो तो वो मखदूम हो जाए’ गजलें सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी, वहीं उहोंने ‘ढूंढे सगळा कोमेडी, सार न देखै क्हाणी को, वक्त की गिरफ्त से एक बार फिर साल का आखरी लम्हा गुजरने को है’ काश के लोग समझ पाता मतलब आंख क पाणी को’ ‘रिश्ता रेहग्या मतलब का, कच्ची हेत की डोरी होगी, भोळे-भूल में साच बोलग्यो, आधी दुनिया दोरी हुगी’ सहित अनेक राजस्थानी कविताएं भी प्रस्तुत की। कवयित्री प्रेम बेगवानी ने ‘वक्त की गिरफ्त से एक बार फिर साल का आखरी लम्हा गुजरने को है’ कविता के माध्यम से बीत रहे साल को विदा कर नए साल का स्वागत किया। ज्योति ओझा ने ‘दो पल की जिंदगानी है, कुछ पल रुकना है, फिर खतम कहानी है’ कविता पेश कर श्रोताओं को जीवन की नश्वरता का संदेश दिया। संगोष्ठी में कवि सीताराम सोनी, राजश्री भूतोड़िया, रेेणु कोचर, जयसिंह नांदू, रामसिंह रेगर आदि ने भी रचनाएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर बाल कवि अंगद ओझा ने अपनी दमदार रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं की प्रशंसा की लूटी।

पठन-पाठन की परम्परा को जीवित रखा

सभा में ओसवाल सभा की विकास यात्रा का जौहरीमल दूगड़ ने किया। मुख्य अतिथि समाजसेवी उमेदसिंह बोकड़िया ने कहा कि अंचल के पाठकों को ज्ञान एवं प्रज्ञा के अजस्र स्रोत से जोड़े रखने की दिशा में ओसवाल सभा की सतत सक्रिय भूमिका रही है। पुस्तकों के पठन-पाठन की लुप्त होती परंपरा को जीवंत बनाए रखने की दिशा में संस्था के पदाधिकारी व सदस्य निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। विशिष्ट अतिथि बसंत नाहटा ने नए साल में आपसी स्नेह, सौहार्द व समन्वय के साथ काम करने का संकल्प की जरूरत बताई।राजकुमार चोरड़िया ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। गोष्ठी में शांतिलाल बैद, अरविंद नाहर, शंकर आकाश, राजश्री कोचर आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

अनिल खटेड़ का किया सम्मान 

इस अवसर पर संस्था द्वारा युवा सामाजिक कार्यकर्त्ता अनिल कुमार खटेड़ को उनके द्वारा अंचल में रेल सेवा के विस्तार व विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयत्नों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान में उन्हें शॉल व प्रशंसा पत्र भेंट किया गया। सभा में संस्था की ओर से अध्यक्ष मूलचंद डागा, सुशीला बोकड़िया, उपाध्यक्ष राजेश बोहरा, राजकुमार चोरड़िया, जौहरीमल दूगड़, संजय मोदी, जिनेंद्र कुमार सेठिया, अरविंद नाहर, रेणु कोचर, राजश्री कोचर, मीनाक्षी चोरड़िया आदि ने अतिथियों व कवियों का अभिनंदन किया। सभा के अंत में उपाध्यक्ष राजेश बोहरा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संयोजन आलोक खटेड़ ने किया।

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Author: kalamkala

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