मालगांव में शरारती लोगों ने गंदे पानी की नाडी पर अवैध कब्जे के लिए जेसीबी चलाई, गांव के पेयजल की नाडी में गंदा पानी मिलाने से गुस्साए लोगों ने दिया तहसीलदार को ज्ञापन

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मालगांव में शरारती लोगों ने गंदे पानी की नाडी पर अवैध कब्जे के लिए जेसीबी चलाई,

गांव के पेयजल की नाडी में गंदा पानी मिलाने से गुस्साए लोगों ने दिया तहसीलदार को ज्ञापन

लाडनूं (kalamkala.in)। तहसील की ग्राम पंचायत मालगांव में वर्षों पुरानी गंदे पानी की ईनाणी (गैनाणी) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ शरारती तत्वों ने अतिक्रमण की नीयत से ईनाणी की मिट्टी की पाल तोड़ दी और जेसीबी मशीन से नाला खोदकर गंदा पानी गांव के बाहर स्थित मीठे पानी की तलाई में मिला दिया। इससे न केवल तलाई का पानी दूषित हो गया, बल्कि ग्रामीणों की आवाजाही का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया है। ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर तहसीलदार को सामुहिक शिकायत सौंप कर मांग की है कि इस गैनाणी की मिट्टी की जिस पाल को तोड़ा गया है, उसे पुनः बनाया जाए तथा तलाई तक खोदे गए कच्चे नाले को भी तुरंत बंद किया जाए।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा मना करने के बावजूद रातों-रात यह नाला खोदा गया, जो ग्रामीण हितों के विपरीत है। तहसीलदार अनिरुद्ध देव पांडेय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके की स्थिति जानने के लिए हल्का पटवारी से रिपोर्ट तलब की है। तहसीलदार ने स्पष्ट कहा है कि रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लोगों ने जेसीबी से खोदा कच्चा नाला

ग्राम पंचायत मालगांव के सरपंच मूलाराम मेघवाल ने बताया कि ईनाणी वर्षों पुरानी है और सरकारी भूमि पर स्थित है। गांव की अधिकांश नालियां इसी में जुड़ी हुई हैं, जिससे गांव का गंदा पानी बाहर बहाया जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने जेसीबी की मदद से कच्चा नाला खोदकर गंदे पानी को तलाई में मिला दिया, जो गलत था। उन्हें जानकारी मिलते ही उन्होंने जेसीबी रुकवा दी, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तलाई का पानी भविष्य में दूषित न हो, इसके लिए पाल को सही तरीके से पुनर्निर्मित किया जाए और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यह लिखा गया तहसीलदार को पत्र

तहसीलदार लाडनूं को मालगांव क्षेत्र के लोगों ने मालगांव में पुरानी गंदे पानी की नाड़ी में अवैध कब्जा करने के बाबत लिखे पत्र में बताया गया है कि ग्राम मालगांव में बालाजी मन्दिर के उत्तर साइड में गंदे पानी की नाडी बनी हुई है, जिसमें मालगांव बसा, तब से इसमे पूरे गांव का गन्दा पानी एवं बरसाती पानी इकट्ठा होता है। गांव में और कहीं भी दूसरी जगह गंदा पानी जाने की व्यवस्था नहीं है। यह भूमि सरकारी है और इसमें आवारा पशु, समस्त गांव के पशु, पक्षी आदि गर्मियों में भी आराम से पानी पीते हैं। यहां पक्षी भी रहते हैं, इसमें कब्जा करने की नियत से कुछ शरारती तत्वों ने इसको मिट्टी से भरने की कोशिश करके अवैध कब्जा कर रहे हैं तथा यहां के गंन्दे पानी को पास में बनी मीठे पानी की नाडी में डाल रहे हैं, जो सरासर गलत है। इससे गांव में विरोध उत्पन्न हो रहा है और यह कभी भी बड़े विवाद का कारण बन सकता है। इन शरारती लोगों को पाबन्द किया जाये तथा गंदे पानी को शुद्ध पानी के नाडी में जाना बंद करवाया जाए। इस पर खुमाराम, हरिराम, चैनाराम, श्रवणराम, रामपाल, बद्रीराम, हरदेवाराम, रामेश्वर, बुधाराम, चैनाराम, महावीर, हरेन्द्र, बीरमाराम, दीनदयाल, जेठाराम, गंगाराम आदि ने हस्ताक्षर किए हैं।

कलेक्टर ने तीन दिनों में मांगी तहसीलदार से रिपोर्ट

मालगांव की इस समस्या को लेकर जिला केक्टर ने तहसीलदार लाडनूं को पत्र क्रमांक : प.12 (1) (0) () पीजी/2024-25/166, दिनांक 09/09/25 में ग्राम मालगांव में खसरा संख्या 46 गै.मु. नाडी व 450/49 चारागाह व अन्य सामान्य काम हेतु भूमि पर बनी नाडियों को यथास्थिति में व असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध कब्जा करने वालों को पाबंद करने के संबंध में लिखा है। इसमें बताया है कि समस्त ग्रामवासी मालगांव तहसील लाडनूं द्वारा ग्राम मालगांव में खसरा संख्या 46 गै.मु. नाडी व 450/49 चारागाह व अन्य सामान्य काम हेतु भूमि पर में बनी नाडियों को यथास्थिति में रखने व असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध कब्जा करने वालों को पाबंद करने के संबंध में परिवाद प्राप्त हुआ। उस प्राप्त प्रार्थना-पत्र को संलग्न प्रेषित कर लिखा गया है कि इस प्रकरण का अक्षरशः अवलोकन कर, परिवादी को सुनते हुए नियमानुसार कार्यवाही कर स्पष्ट अनुशंषा सहित पालना रिपोर्ट तीन दिवस के अंदर भिजवाई जाए।

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Author: kalamkala

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