ज्वैलर्स के शोरूम पर दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिग मामले में सभी आरोपी सामने आए,
लाडनूं के मालासी गांव के रहने वाले हैं दो फरार आरोपी और पकड़ा गया बदमाश लोढसर का,
एक माह पूर्व ही ज्वैलर को मिली थी लाॅरेंस गैंग के रोहित गोदारा के नाम से धमकी



लाडनूं। सुजानगढ में दिनदहाड़े बीच बाजार एक ज्वैलर्स के शोरूम पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने वालों में से एक बदमाश के पकड़े जाने से पूरा मामला सामने आ गया है। बुधवार को गोलीबारी में ज्वैलर्स के यहां पुलिस द्वारा नियुक्त गार्ड ने घायल हो जाने के बावजूद भी हिम्मत करके फायरिंग करके हमला करने वालों का पीछा किया और एक जने को पिस्तौल सहित पकड़ लिया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को व्यापार मंडल ने सुजानगढ़ में बाजार बंद कर इस घटना की निंदा की है। वारदात के दौरान पकड़ा गया बदमाश तेजपाल मेघवाल (22) निवासी लोढ़सर है, जिसको गार्ड ने पीछा करके पकड़ लिया था। उसके दोनों फरार साथियों के नाम भी सामने आ चुकी है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और उनके आपराधिक रिकाॅर्ड टटोले जा रहे हैं। गुरुवार को सुबह एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और सबूत जुटाने की कोशिश की।
पकड़े गए आरोपी ने पिस्तौले से डराने का प्रयास किया
मौकाए-वारदात के समय एक आरोपी को पकड़ पाने में गार्ड रमेश मीणा सफल रहे, जिसमें आसपास के लोगों ने उनकी मदद की। हालांकि आरोपी ने पिस्टल दिखाकर सबको डराने का प्रयास किया, लेकिन हिम्मत दिखाते हुए उसे पकड़ लिया गया। लोगों की भीड़ ने बदमाश की मौके पर ही पिटाई शुरू कर दी, जिसे उसी गार्ड ने अधिक मारे जाने से बचा कर भीड़ के चंगुल से उसे निकाला। घटना बुधवार को अपराह्न 4.26 बजे हुई, जब सुजानगढ के गांधी चैक स्थित प्रमुख आभूषण व्यवसायी जेडीजे ज्वैलर्स के शोरूम पर अचानक तीन बदमाशों ने लगातार 15 गोलियां फायर की। इस अंधाधुंध फायरिंग के कारण शोरूम में मौजूद ग्राहक भी घबरा गए और सभी वहां खुद को बचाने के लिए नीचे बैठ गए और अंदर लेट गए। इस फायरिंग के दौरान शोरूम पर तैनात गार्ड रमेश मीणा के हाथ पर गोली लगी। गोली उसके हाथ के उपरी तरफ चमड़ी को चीरते हुए निकल गई। इसके बावजूद उसने हिम्मत पूर्वक बदमाशों के पीछे कोई चीज उठा कर फेंकी। वह घायल होते हुए भी बदमाशों के पीछे दौड़ा, पर एक कार के बीच में आ जाने से दो जने एक तरफ भाग गए। फिर वह वापस मुड़ा और तीसरे बदमाश के पीछे दौड़ पड़ा। आखिर लोगों के सहयोग से उसे पकड़ पाने में ंवह सफल रहा। लोग उस बदमाश को गोली मारने के लिए बोलने लगे और उसकी पिटाई करने लगे। इस पर गार्ड ने उसे भीड़ से खींच कर बचाया। करीब 25 मिनट बाद मौके पर पहुंची पुलिस को उसे सौंेप दिया गया। जेडीजे ज्वैलर्स के शोरूम के अंदर व बाहर लगे हुए सीसी टीवी कैमरों मे ंइस सारे घटनाक्रम कह रिकाॅर्डिंग सामने आई है।
लाडनूं तहसील के थे दो और बदमाश
इधर पुलिस ने मौके से वारदात के बाद फरार हुए दो अन्य बदमाशों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी की, लेकिन दोनों बदमाशों को पकड़ा नहीं जा सका। बताया जा रहा है किे वे दोनों बदमाश सुजानगढ के नाथोतालाब रोड की तरफ से होकर भाग पाने में सफल रहे। हालांकि पकड़े गए बदमाश तेजपाल मेघवाल से की गई पूछताछ से पता चला है कि उसके दोनों साथी लाडनूं तहसील के गांव मालासी के रहने वाले थे। मालासी के इन बदमाशों के नाम गोपाल चारण और लिखमा राम बताए गए हैं, जिन्होने तेजपाल के साथ मिलकर फायरिंग की थी। तीनों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज करके अनुसंधान को आगे बढाया जा रहा है और इन तीनों के आपराधिक रिकाॅर्ड की तलाश के साथ ही इस वारदात के पीछे के असली कारण और इन तीनों द्वारा किसके इशारे से वारदात को अंजाम दिया गया की जानकारी जुटाई जा रही है।
घायल गार्ड कांस्टेबल मीणा को प्रमोशन दिया
इस पूरे घटनाचक्र में घायल होने के बावजूद हिम्मत दिखा कर बदमाश को पकड पाने में सफल रहे कॉन्स्टेबल रमेश मीणा को उसकी बहादुरी के लिए डीजीपी उमेश मिश्रा ने ‘आउट ऑफ टर्म प्रमोशन’ देने की घोषणा की है। रमेश मीणा सन 2011 से राजस्थान पुलिस में है और वह चूरू जिले के ही कुशालपुरा गांव का रहने वाला है। उसे जेडीजे ज्वैलर्स को 2 करोड़ रूपयों की अवैध वसूली के लिए किए गए कथित रोहित गोदारा के नाम के फोन व व्हार्टसअप काॅल के बाद दर्ज एफआईआर व जेडीजे ज्लैलर्स के मालिक पवन सोनी की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा गार्ड के रूप में सिपाही रमेश मीणा को लगाया गया था। गौरतलब है कि लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने ज्वैलर पवन सोनी को गत 26 मार्च रविवार को कॉल कर धमकी देकर दो करोड़ रुपए मांगे थी। धमकी के ठीक एक महीने बाद ही यह फायरिंग की वारदात हो गई।





