लाडनूं में मनोरंजन, खरीदारी, खाने-पीने का केन्द्र बना मारवाड़ मेगा ट्रेड फेयर : एक रिपोर्ट,
कोई नौकायन का मजा ले रहा है, कोई ट्रेन के सफर का आनंद, किसी को ताजा फलों का ज्यूस पसंद है तो कोई छोला-भटूरा व पिज्जा का शौकीन है, बच्चों-युवाओं और महिलाओं को झूले ही नहीं आकर्षक वस्तुएं भी लुभा रही हैं










लाडनूं (kalamkala.in)। गौरव पथ पर उमड़ती भीड़ देख कर अनायास ही सोचा जा सकता है कि ये इतने सारे लोग कहां जा रहे हैं। थोड़ी देर में ही देखते हैं कि सारे लोग सुभाष बोस स्कूल के सामने के जोधा ग्राउंड में किसी महफ़िल की तरह सजे मारवाड़ मेगा ट्रेड फेयर में जा रहे हैं। ‘कलम कला’ न्यूज पेपर एवं न्यूज पोर्टल के सहयोग से लगे इस विशाल व्यापारिक मेले में बहुत सारी आकर्षक वस्तुओं से सजी अलग-अलग व्यापारियों की दुकानें लोगों को खरीदारी के लिए लुभा रही है। वहीं विभिन्न प्रकार की खाने-पीने की स्टॉल्स पर बच्चों व महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ जुटी हुई है। सबसे आकर्षण का केंद्र तो यहां एक पोर्सन में लगे तरह-तरह के झूले हैं। यहां कोई ट्रेन के सफर का आनंद ले रहा है तो कोई नौका में सवार होकर पानी में पेडल बोट चलाने का मजा लूट रहा है। अनेक तरह के झूलों में महिलाएं, बच्चे, युवा सभी अपनी ही मस्ती में लीन हैं। ऐसा लगता है कि जैसे यह कोई मेला नहीं, बल्कि साक्षात धरती पर उतरा हुआ कोई स्वर्गलोक है।मेले में रेडीमेड गारमेण्ट, प्लास्टिक व स्टेनलेस स्टील के तरह-तरह के उपयोगी बरतन, आकर्षक क्रोकरी, घरेलू उपयोगी सामान और किचन वेयर महिलाओं को बरबस ही अपनी ओर खींच लेते हैं। बच्चे अपनी शिक्षा और खेलों में उपयोगी व मनोरंजन के आइटम्स की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। किसी को भोजन हजम करने की गोलियां चाहिए, तो कोई मुखवास के लिए तरह-तरह के आइटम्स पसंद कर रहे हैं। बनारसी पान भी यहां अपने स्वाद में लाजवाब है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए इन व्यापारियों की वस्तुएं लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर ही लेती हैं। यह मारवाड़ मेगा ट्रेड फेयर लाडनूं वासियों के लिए मनोरंजन, खरीदारी और खाने-पीने के साथ ही सबसे आकर्षक घूमने-फिरने का स्थान साबित हो रहा है। यहां प्रवेश नि:शुल्क है और वाहन पार्किंग की पूरी तरह सुरक्षित और नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। मेले में सीसीटीवी कैमरों और निजी सुरक्षा गार्डों को लगाया होने से सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त है। पुलिस विभाग से सीआई एवं अन्य पुलिस अधिकारी व पुलिस कर्मचारी यहां आकर मेले की सुरक्षा का खयाल रखते हैं। मेले के आयोजक बलदेव सैनी व सुरेंद्र सैनी बंटी की व्यवस्थाओं से मेला पूरी तरह से सुदृढ बना हुआ है। साथ ही कलम कला सम्पादक सुमित्रा आर्य भी अपनी देखरेख व निगरानी को चाक-चौबंद बनाए रखती हैं। यही कारण है कि मेले में भारी संख्या में शहरवासी उमड़ रहे हैं।







