विभिन्न सफल पूर्व विद्यार्थियों का वृंदा फाउंडेशन स्कूल में किया गया सम्मान, आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, नीट एवं सीए फाउंडेशन के सफल पूर्व छात्र-छात्राओं ने जूनियर्स को दिए सफलता के मंत्र

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विभिन्न सफल पूर्व विद्यार्थियों का वृंदा फाउंडेशन स्कूल में किया गया सम्मान,

आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, नीट एवं सीए फाउंडेशन के सफल पूर्व छात्र-छात्राओं ने जूनियर्स को दिए सफलता के मंत्र

लाडनूं (kalamkala.in)। वृंदा फाउंडेशन सीनियर सेकेंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल जसवंतगढ़ में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में विद्यालय के ऐसे पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान किया गया, जिन्होंने हाल ही में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, सीए फाउंडेशन एवं नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। इन विद्यार्थियों में विष्णु शर्मा, करण कस्वां, वर्तिका भीडासरा, देवांग रांकावत, शुभम प्रजापत एवं हरिकिशन शर्मा शामिल हैं, जिनका सम्मान वृंदा फाउंडेशन विद्यालय परिवार द्वारा किया गया। समारोह में सभी विद्यार्थियों को सम्मान-स्वरूप विद्यालय का दुपट्टा भेंट किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या शुभांगी जैन एवं संस्थापक निदेशक अंजनी कुमार सारस्वत ने विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए वर्तमान छात्रों से उनके संघर्ष, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर करण कस्वां, वर्तिका तथा शुभम प्रजापत के उपस्थित माता-पिता का भी सम्मान किया गया।

मेहनत और निरंतरता से मिलती है सफलता

कार्यक्रम में सम्मानित हुए विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सफलता के महत्वपूर्ण सूत्रों के बारे में बताया। विष्णु शर्मा ने कहा कि कड़ी मेहनत और निरंतरता का कोई विकल्प नहीं है। यदि शुरुआत से नियमित तैयारी की जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। वर्तिका भीडासरा ने विद्यार्थियों को अनुशासन का महत्व बताते हुए कहा कि यदि तैयारी में नियमितता और अनुशासन होगा तो परिणाम भी उत्कृष्ट होंगे। कभी पढ़ना और कभी नहीं पढ़ना किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अपेक्षित सफलता नहीं दिला सकता। शुभम प्रजापत ने कहा कि जब शिक्षक डाँटते हैं तो समझिए कि वे आपका भविष्य संवार रहे हैं। देवांग रांकावत ने मुस्कुराते हुए बताया कि सर ने मेरी हैंडराइटिंग सुधारने के लिए एक ही शब्द लगभग 200 बार लिखवाया था। उस समय वह सज़ा लगती थी, लेकिन आज समझ आता है कि वही अनुशासन मेरी सफलता की नींव बना।

विद्यालय में मिले संस्कार और शिक्षकों का मार्गदर्शन बना उनका आधार

लगभग सभी विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि विद्यालय में मिले संस्कार, शिक्षकों का मार्गदर्शन और मजबूत शैक्षणिक आधार ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों से निरंतर अभ्यास, अनुशासन और शिक्षकों पर विश्वास बनाए रखते हुए अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने का संदेश दिया। अंत में विद्यालय परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी अपने परिवार, विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते रहेंगे। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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Author: kalamkala

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