‘कलम कला’ कैरिअर एंड एजुकेशन गाइड- आॅनलाईन व दूरस्थ शिक्षा से संभव है घर बैठे उच्च स्तरीय शिक्षा, लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय में अब तक हजारों लोग उठा चुके हैं दूरस्थ शिक्षा का लाभ

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‘कलम कला’ कैरिअर एंड एजुकेशन गाइड-

आॅनलाईन व दूरस्थ शिक्षा से संभव है घर बैठे उच्च स्तरीय शिक्षा,

लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय में अब तक हजारों लोग उठा चुके हैं दूरस्थ शिक्षा का लाभ

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। पढाई बीच में छूट जाने, काम की व्यस्तता के चलते नियमित शिक्षा नहीं प्राप्त कर पाने, शादी के बाद गृहिणियां, संन्यास ग्रहण कर लेने आदि के बावजूद पढने की मन में ललक रहती है। ऐसे लोगों की संख्या काफी बड़ी होती है। इन्हें अगर अपने घर बैठे या काम-धंधा करते-करते पढने का अवसर मिले, तो ये मौका चूकना नहीं चाहते। ऐसे सभी लोगों के लिए जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय लाडनूं में स्थित दूरस्थ एवं आॅनलाईन शिक्षा केन्द्र (सीडीओई) ने स्वर्णिम अवसर प्रदान किया है। यहां से बिना नियमित शिक्षा के उच्च डिग्रियां हासिल करने वालों की संख्या बहुत बड़ी है। ऐसे साधु-साध्वियां भी बहुत बड़ी संख्या में हैं, जिन्होंने शिक्षा ग्रहण करने के लिए इस केन्द्र की मदद ली थी। राजस्थान के सभी जिलों और देश भर के विभिन्न प्रांतों के लोगों ने इस दूरस्थ शिक्षा सुविधा का लाभ उठाया है। वर्तमान में दूरस्थ शिक्षा से 10 हजार से अधिक विद्यार्थी सुदर बैठे अध्ययनरत हैं।

उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रम

दूरस्थ एवं आॅनलाईन शिक्षा केन्द्र (सीडीओई) में पत्राचार द्वारा बीए. बीकाॅम, एमए के अध्ययन के साथ विभिन्न छह-छह माह के प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। तीन वर्षीय बी.ए. पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषयों के रूप में सामान्य हिन्दी अथवा सामान्य अंग्रेजी (केवल प्रथम वर्ष में) और जैन विद्या अथवा जैन एवं जैनेत्तर दर्शन विषय तीनों वर्षों में रहेगा। ऐच्छिक विषयों के लिए दो समूह बनाए गए हैं, जिनमें से हर समह से एक विषय लेना अनिवार्य है, यानि कुल दो ऐच्छिक विषय लिए जा सकते हैं। इन दो समूहों में से ‘अ’ समूह में आगम विद्या और प्राकृत साहित्य, जीवन विज्ञान, प्रेक्षा ध्यान एवं योग, हिन्दी साहित्य तथा इतिहास विषयों में से कोई एक चुनना होगा। इसी प्रकार दसरे समूह ‘ब’ में शामिल विषयों संस्कृत, अहिंसा एवं शांति, राजनीति विज्ञान तथा अंग्रेजी साहित्य में से कोई एक विषय लेना होगा। द्विवर्षीय कोर्स एम.ए. में छह विषय शामित किए गए हैं। इनमें जैन विद्या एवं तुलनात्मक धर्म तथा दर्शन में एम.ए की जा सकती है। इसके अलावा एम.ए. योग एवं जीवन दर्शन में भी की जा सकती है। इसमें दोनों वर्ष एक-एक माह का प्रायोगिक प्रशिक्षण आवश्यक है। इनके अतिरिक्त एमए हिन्दी, एमए अंग्रेजी, एमए राजनीति विज्ञान, एमए अहिंसा एवं शांति का कोर्स भी किया जा सकता है। स्नातक व स्नातकोत्तर कोर्सेज के अलावा छह माह के प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों में 10वीं व 12वीं कक्षाएं उतीर्ण विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। इन कोर्सेज में योग एवं प्रेक्षाध्यान, ज्योतिष, जैन धर्म एवं दर्शन, जैन आर्ट एंड एस्थेटिक्स, मानवाधिकार, प्राकृत तथा अहिंसा एवं शांति विषयों के सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं।

प्रवेश प्रक्रिया सम्बंधी जानकारी

दूरस्थ एवं आॅनलाईन शिक्षा केन्द्र में पीजी एवं ग्रेजुएट के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। दूरस्थ मोड पर सभी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए जनवरी से जून 2024 सत्र के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून रखी गई है। जुलाई से दिसंबर, 2024 सत्र के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित है। और जनवरी से जून 2025 के सत्र के लिए 31 मार्च 2025 तक आवेदन किए जा सकते हैं।
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Author: kalamkala

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