लाडनूं के एक्सीडेंट जोन ने एक और जिंदगी लील ली, बायपास हाईवे पर कंटेनर ट्रक ने बाईक को जबरदस्त टक्कर, पांच फुट ऊपर उछल कर गिरे बाईक चालक युवक की मौत, खड़े हुए अनेक सवाल

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लाडनूं के एक्सीडेंट जोन ने एक और जिंदगी लील ली,

बायपास हाईवे पर कंटेनर ट्रक ने बाईक को जबरदस्त टक्कर, पांच फुट ऊपर उछल कर गिरे बाईक चालक युवक की मौत, खड़े हुए अनेक सवाल

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं के सबसे घातक दुर्घटनाकारक सड़क मार्ग बन चुके बायपास हाईवे ने रविवार को रात्रि करीब 8 बजे एक और युवक की जान ले ली। घटनानुसार इस बायपास हाईवे पर होटल योगेन्द्रा के सामने एक कंटेनर वाले ट्रक ने बाइक को टक्कर मारी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चालक टकराने के साथ ही हवा में ऊपर उछल गया और करीब पांच फीट ऊपर उछल कर वापस सड़क पर आकर गिरा, तो उसका सिर फट गया। इस गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल निजी वाहन की सहायता से लाडनूं के सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां उसका उपचार शुरू किया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। इस भीषण हादसे में मोती का शिकार बना यह युवक घायल बाईक चालक मंगलपुरा निवासी सुखाराम देवड़ा जाति माली  का पुत्र बताया सम्पत देवड़ा (23) है। मृतक के शव को राजकीय चिकित्सालय स्थित मोर्चरी में रखवाया गया है। शव का पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाएगा।

रोम जल रहा है, नीरो बांसुरी बजा रहा है

लाडनूं के आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) से लेकर डीडवाना रोड ओवर ब्रिज तक के क्षेत्र में आएदिन सड़क हादसे होते रहते हैं। यह एरिया एक्सीडेंट जोन बन चुका है। इसमें बहुत सारी मौतें और बड़ी संख्या में लोग घायल हो चुके, लेकिन प्रशासन इस सबको लगातार अनदेखा कर रहा है। ‘रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था’ इसी कहावत को प्रशासन चरितार्थ कर रहा है। इस एक्सीडेंट जोन में यातायात सुरक्षा के लिए किसी भी तरह का कोई उचित प्रबंधन पुलिस या प्रशासन की ओर से नहीं किया गया है। करंट बालाजी चौराहा इसी खतरनाक हादसों वाले चौराहे के रूप में कुख्यात हो चुका है। यहां न तो कोई ट्रेफिक लाईट इंडीकेटर सिस्टम लगा हुआ है और न यहां अंडर ब्रिज, ओवर ब्रिज, सर्किल, चौराहा या अन्य कोई व्यवस्था की हुई है। अगर दोनों पुलियों के बीच सड़क पर डिवाइडर लगे हुए हों तो भी दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। करंट बालाजी चौराहे पर हादसों की रोकथाम के लिए लाडनूं में बहुत बार आंदोलन हो चुके। हाईवे जाम भी किए गए, ज्ञापन दिए गए, परन्तु आज तक किसी स्तर के अधिकारी की नींद नहीं उड़ी। समय रहने प्रशासन नहीं चेता तो लगता है लोग उग्र आंदोलन पर उतर जाएंगे। आखिर कब तक इस प्रकार देखते रहेंगे अपनों की दुर्दांत मौत?

अब कोई औचित्य नहीं रहा इस हाईवे का

यह आरओबी से डीडवाना रोड पुलिया तक की सड़क घनी आबादी और बाजार क्षेत्र के बीच आ चुकी है। यहां दो पेट्रोल पम्प और सभी आवश्यक वस्तुओं के व्यापार-व्यवसाय संचालित होते हैं। कोर्ट यहां अवस्थित है, तो जन-जन की आस्था का केंद्र करंट बालाजी मंदिर और करणी माता का मंदिर भी यहां है। स्कूलें और कॉलेज भी यहां अवस्थित हैं। मंगलपुरा, दुजार, डाबड़ी आदि गांवों के लोगों का दैनिक आवागमन यहां होता है। ऐसे में अगर शीघ्र इन हादसों की रोकथाम के कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं होते हैं तो स्थिति चिंताजनक है। प्रशासन हाईवे को शहर के बाहर कहीं दूर से होकर निकाली जा सकती है। जन संघर्ष समिति लाडनूं ने इस समस्या को लेकर जो अभियान छेड़ा था, उसके तहत जिला कलक्टर, अधिकारियों और सभी राजनेताओं को जो ज्ञापन सौंपे थे, उनमें समस्या के समाधान के अनेक प्रस्ताव भी शामिल किए थे, उनकी क्रियान्विति प्रशासन करके समस्या को काफी कुछ समाधानित कर सकता है।

kalamkala
Author: kalamkala

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