लाडनूं नगर पालिका में यह क्या हो रहा है?-3 दस लाख रुपयों के पानी के टैंकरों से क्या करेगी नगर पालिका? पानी देने के लिए नगर पालिका के पास कहां-कितने पौधे मौजूद, कितना-कितना पानी कितने अंतराल से दिया जाना तय? पार्षद उठा रहे सवाल, यह क्या हो रहा है नगर पालिका में

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लाडनूं नगर पालिका में यह क्या हो रहा है?-3

दस लाख रुपयों के पानी के टैंकरों से क्या करेगी नगर पालिका? पानी देने के लिए नगर पालिका के पास कहां-कितने पौधे मौजूद, कितना-कितना पानी कितने अंतराल से दिया जाना तय?

पार्षद उठा रहे सवाल, यह क्या हो रहा है नगर पालिका में

लाडनूं (kalamkala.in)। नगरपालिका मंडल में निविदाओं के नाम पर धांधली, घोटाला, भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में ऐसी निविदाओं को निरस्त भी किया गया, जिनमें आरोप थे कि मिलीभगत पूर्वक अपने निजी ठेकेदारों से टेंडर फार्म खाली छुड़ाए गए, ताकि उनमें बाद में मनमर्जी की दरें भरी जा सके। खैर, वह मामला तो अभी शांत ही नहीं हुआ था कि एक और निविदा पर पार्षदों ने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।

फिर लगे मनमानी निविदा जारी करने के आरोप

पार्षद राजेश कुमार भोजक ने आरोप लगाया है कि नगरपालिका द्वारा बिना एस्टीमेट बनाए मनमाने ढंग से पानी के टैंकर की निविदा अधिशाषी अधिकारी जितेंद्र मीणा द्वारा जारी कर दी गई है। इस 9.90 लाख रूपयों के टैंकर से पानी की आपूर्ति की निविदा में धांधली के आरोप लगाए गए हैं। इस सम्बंध में भोजक ने अपने पत्र में लिखा है कि अधिशाषी अधिकारी ने 14 जून शुक्रवार को एक निविदा सूचना वर्ष 2024–25 जारी की गई, जिसका क्रमांक:- न.पा.ला./स्टोर/2024/1090 हैं। इस निविदा सूचना में पालिका क्षेत्र में वृक्षारोपण के लिए पानी के टैंकर की सप्लाई कार्य की अनुमानित लागत 9.90 लाख रुपए रखी गई हैं। यह शिकायत मुख्यमंत्री, स्वायत शासन मंत्री, स्थानीय निकाय निदेशालय, उपखंड अधिकारी आदि सभी सम्बन्धितों को भेजी गई है।

स्पष्ट नहीं है कि किन पौधों में कहां-कितने पानी की जरूरत रहेगी

इस निविदा सूचना में अधिशाषी अधिकारी जितेंद्र मीणा ने बिना यह तय किए ही कि नगर पालिका क्षेत्र में कुल कितने पौधे हैं, जिन्हें पानी पिलाना जरूरी हैं? और ये पौधे नगरपालिका क्षेत्र में किस-किस स्थान पर हैं? इन पौधों में कितनी मात्रा में पानी देने की जरूरत है और कितने दिनों के अंतराल से पानी देना है? पानी का टैंकर की जो निविदा की गई है, उनमें टैंकर की पानी की क्षमता कितनी होनी चाहिए? आदि। इस तरह से किसी भी अनुमान या सर्वे के बिना यह निविदा सूचना जारी किया जाना भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है। भोजक ने लिखा है कि सबके सामने इस तरह की धांधली करने का साहस इन्हें कहां से मिला? यह समझ में नहीं आ रहा है।

धांधली की जांच की मांग

भोजक ने यहां स्मरण दिलाया है कि अधिशाषी अधिकारी जितेंद्र मीणा ने दो निविदा सूचनाएं क्रमांक न.पा.ला./स्टोर/2024/896 व न.पा.ला./स्टोर/2024/966 को बंद कमरे में खोल कर अपने चहेते ठेकदारों की फर्म की खाली कॉपी रखवा ली थी, ताकि उन्हें ये कार्य दे कर मोटा कमीशन प्राप्त कर सके। लेकिन, बात उजागर होने पर इन दोनों निविदाओं को तत्काल ही निरस्त कर दिया गया। अधिशाषी अधिकारी के व्यवहार से लगता है कि वे इस पानी के टैंकर की निविदा सूचना को बिना किसी कार्य सुनियोजित किए मनचाही राशि लिख कर इसमें धांधली करना चाहते हैं, और अगर वास्तव में ही पौधारोपण के लिए पानी की आवश्यकता है, तो उसकी स्पष्ट अनुमानित रिपोर्ट तैयार करवाने के बाद निविदा निकलवानी चाहिए। भोजक ने इस टैंकर वाली निविदा सूचना को भी निरस्त करवाये जाने और राजकोष को अनावश्यक हानि से बचाने की मांग करते हुए और इस मामले में कठोर कार्यवाही की आवश्यकता बताई है।

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Author: kalamkala

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