सांस्कृतिक व खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत, जैविभा विश्वविद्यालय के स्थापना समारोह के द्वितीय चरण में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा

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सांस्कृतिक व खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत,

जैविभा विश्वविद्यालय के स्थापना समारोह के द्वितीय चरण में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान के 34वें स्थापना दिवस के द्वितीय चरण में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के सान्निध्य में हुए इस कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर आधारित नृत्य, नाटक, कविताएं, शास्त्रीय नृत्य, मराठी नृत्य, राजस्थानी नृत्य, पंजाबी नृत्य, हरियाणवी नृत्य, कठपुतली नृत्य आदि प्रस्तुतियां देकर छात्राओं ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। छात्राओं की कलापूर्ण प्रतिभा से सभी अचम्भित थे। इस अवसर पर प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। ड्रामा में मुमुक्षु राजुल एवं समूह, रंगोली में आकांक्षा शर्मा एवं समूह, एकल गान में रेणु मुणोत, आशु भाषण में मुमुक्षु भावना नाहटा, पोस्टर पेंटिंग में मुमुक्षु खुशी सुराणा, वाद विवाद प्रतियोगिता में अभिलाषा स्वामी, पाश्चात्य नृत्य में नेहा कंवर एवं समूह, कविता में प्रकृति, मेहंदी प्रतियोगिता में आयुश्री चोटिया, अनुपयोगी सामान का उपयोग प्रतियोगिता में अपर्णा पांडेय, लोकनृत्य एवं क्लासिकल डांस (एकल) में ऐश्वर्या सोनी, पूनम सोनी व तमन्ना तंवर, लोकनृत्य एवं क्लासिकल डांस (सामुहिक) में दिलाशा एवं समूह को पारितोषिक प्रदान किए गए। खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं में महिला खो-खो में अनिता साहू की टीम, महिला कबड्डी में कविता डूकिया की टीम, महिला बैडमिंटन में तन्नू, 100 मीटर दौड़ में भूमिका सेठी, ऊंची कूद में निशा, लोंग जम्प में अनिता साऊ, महिला शोटपुट में विद्या चौधरी व 100 मीटर दौड़ (पुरुष) में कृष्ण कुमार जाखड़ को पुरस्कृत किया गया। प्रथम के अलावा द्वितीय व तृतीय स्थानों पर विजयी घोषित विद्यार्थियों को भी सर्टिफिकेट एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ हरि स्रोत से किया गया। इस अवसर पर प्रो. नलिन के. शास्त्री, प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी, प्रो. बी एल जैन, प्रो. जिनेंद्र जैन आदि सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं संस्थान परिवार उपस्थित रहा। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अमिता जैन ने किया।

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Author: kalamkala

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