उर्दू शिक्षक आमीन खां को हटाए जाने को लेकर दिया ज्ञापन

राज्य सरकार पर लगाया उर्दू तालीम की उपेक्षा का आरोप
लाडनूं। विभिन्न अल्पसंख्यक संगठनों, पार्षदों एवं अन्य लोगों ने यहां उपखंड कार्यालय पहुंच कर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन एसडीएम अनिल कुमार को सौंप कर जयपुर में लगे हुए उर्दू शिक्षक आमीन कायमखानीको निलम्बित करने का विरोध किया है। ज्ञापन में राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष आमीन खां कायमखानी को तत्काल बहाल करके वापस उसी स्कूल में नियुक्ति देने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि गत शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को जयपुर के बिडला ऑडीटोरियम आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला के भाषण के दौरान राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ के अध्यक्ष आमीन कायमखानी ने तालीम से संबंधित सरकार की बजट घोषणाओं को लागू करने पर सवाल उठाया था। जिसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जबरदस्ती हॉल से बाहर निकाल दिया था। अगले ही दिन द्वेषतावश उनको विधिविरूद्ध तरीके से निलम्बित कर बांसवाड़ा भेजने के आदेश जारी कर दिये, जो सरासर गलत आदेश रहा है। ज्ञापन में उर्दू शिक्षक आमीन कायमखानी के निलम्बन आदेश को तुरन्त प्रभाव से निरस्त करने और उसी स्कूल में नियुक्ति करने की मांग के साथ बताया गया है कि राज्य सरकार उर्दू तालीम और मदरसा तालीम सम्बंधी घोषणाओं का तुरन्त क्रियान्वयन करवाए। ज्ञापन देने वालों में मो. इरफान खान, पार्षद यास्मीन खां, नौशाद अली सिसोदिया, मुस्कान, सुल्ताना बानो, मो. मुनसफ खान, इदरीश खां, रूकसाना, गजाला परवीन, तौफीक गौरी, अरमान खां टाक, मो. नदीक, पुसे खां, रज्जाक खां, इरशाद खां, आसिफ खां, सोयल, असलम खान, फारूक खां, यास्मीन खान, मुश्ताक खां, असलम, खातुन आदि शामिल थे।







