लाडनूं शहर के सभी वार्डों में सामुहिक रूप से सुना गया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’





लाडनूं (kalamkala.in)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी को शहर के विभिन्न स्थानों पर लगभग समस्त वार्डों में भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य नागरिकों ने देखा व सुना। शहर के वार्ड संख्या 25 में भाजपा की जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष पार्षद सुमित्रा आर्य के निवास पर सुमित्रा आर्य के साथ भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष देवाराम पटेल, पार्षद मोहन सिंह चौहान, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के पूर्व जिला महामंत्री जगदीश यायावर, ओबीसी मोर्चा के गुलाबचंद चौहान, निर्मल आर्य, पीयूष आर्य आदि ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुना। इसी प्रकार शहर मंडल की बूथ नं. 49 पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुशील दाधीच के निवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं व मातृशक्ति के साथ सुना गया। करणी निवास में ठाकुर करणी सिंह सहित सभी ने पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को लाइव सुना और सेवा, नवाचार एवं जनकल्याण से परिपूर्ण उनका प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त किया। भाजपा के जिला मंत्री नीतेश माथुर, जिला मंत्री जगदीश पारीक के यहां भी अनेक महिला-पुरुषों ने मन की बात कार्यक्रम सुना। रैगर बस्ती लाडनूं के वार्ड नम्बर 34 व वार्ड नम्बर 37 में कार्यकर्ताओं ने मन की बात कार्यक्रम को सामुहिक रूप से सुना। इसी प्रकार लाडनूं विधानसभा क्षेत्र के लगभ सभी बूथों पर यह कार्यक्रम सुना गया। ‘मन की बात’ कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने वाला प्रेरणादायक कार्यक्रम सिद्ध हुआ है। रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में देशवासियों से बढ़ती गर्मी के बीच सतर्कता बरतने का आह्वान किया और बताया कि हमारी रसोई में मौजूद पारंपरिक पेय और खान-पान की संस्कृति गर्मी से बचाव का प्रभावी माध्यम हैं। राजस्थान की छाछ जैसे पारंपरिक पेय न केवल शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं, बल्कि हमारी समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के भी प्रतीक हैं।कार्यक्रम में एथलेटिक्स में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने वाले युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों, नीदरलैंड से प्राप्त चोल साम्राज्य के ताम्रपत्रों तथा बच्चों में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के प्रयासों सहित अनेक प्रेरणादायी विषयों पर मोदी ने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि नदी, तालाब की स्वच्छता के लिए हमें शिकायत करने के बजाय स्वयं को आगे आना चाहिए।






