छात्राओं ने किया कलात्मक जीवनोपयोगी वस्तुओं का निर्माण

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रचनात्मक कौशल विकास कार्यक्रम में हस्तनिर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन

लाडनूं। जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में दो दिवसीय कार्यशाला “रचनात्मक आधारित कौशल विकास” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस छात्राध्यापिकाओं ने अपने हाथों से विविध प्रकार की जीवनोपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया। छात्राओं ने अपना कौशल दिखाते हुए अपने हाथों से कलात्मक पायदान, चित्रांकन पूर्ण बैग, कढाई आधारित तकिये की खोली, कपड़े की पतंग, नेम प्लेट आदि वस्तुओं का निर्माण किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से छात्राओं में हस्त-कौशल विकसित होता है और उनकी कलात्मक प्रतिभा को उभरने का अवसर मिलता है। यह देश की आत्मनिर्भरता में भी सहायक है और बेरोजगारी से निजात दिलाने में इस प्रकार के कार्यक्रम उपयोगी सिद्ध होते हैं। इससे योग्यता एवं क्षमताओं का विकास तथा उत्पादन का सामाजिक वातावरण तैयार होता है और छात्राएं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने का सुनहरा अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने छात्राध्यापिकओं को अभिप्रेरित करते हुए कहा कि कक्षा-कक्ष के बाहर और जीवन का वास्तविक ज्ञान देना आज की शिक्षा की महती आवश्यकता है। उन्होंने अंत में आभार भी ज्ञापित किया।

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Author: kalamkala

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