‘बहुओं से चोर मरवाए, चोर बहुओं के भाई’ रालोपा नेता खींवाराम घींटाला ने वर्तमान राजनीति पर कसे ताने,
राजनीति में गुंडों से सांठगांठ को मिटाने के लिए उतरना पड़ा मैदान में, 25 सालों की राजनीति में वर्तमान में हुए असहज- घींटाला,
लाडनूं में रालोपा की प्रेस वार्ता एवं कार्यकर्ता बैठक आयोजित कर किया पंचायत चुनाव का आगाज, प्रधान आरएलपी का बनाने का दावा








लाडनूं (kalamkala.in)। रालोपा नेता खींवाराम घिंटाला ने कहा है कि लाडनूं में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के बल पर मजबूत हुई है। आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल की रीति-नीति और कार्य-पद्धति के बल पर आने वाले पंचायत राज चुनाव में लाडनूं पंचायत समिति की सभी 27 और जिला परिषद की सभी 5 सीटों पर आरएलपी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। उन्होंने यहां निम्बी जोधां रोड स्थित आरएलपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए ऐलान किया कि लाडनूं पंचायत समिति के प्रधान पद पर इस बार आरएलपी का ही उम्मीदवार परचम फहराएगा। आरएलपी लाडनूं में अपना यही टारगेट लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के चुनाव दलगत नहीं होते, लेकिन सरपंचों के चुनाव में आरएलपी पार्टी का उम्मीदवारों को समर्थन अवश्य रहेगा।
गुंडा, बदमाश और भूमाफिया लोग हुए राजनीति में हावी
खींवाराम घींटाला ने हनुमान बेनीवाल की सराहना करते हुए कहा कि आम जन के हितों के लिए लड़ने वाला और उन्हें न्याय दिलाने वाला दूसरा कोई भी व्यक्ति नहीं है। हनुमान बेनीवाल को विश्व भर में न्याय-यौद्धा के रूप में पहचाना जाता है। घिंटाला ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे पिछले 25 साल से राजनीति में सक्रिय हैं और लगातार जन प्रतिनिधि रहे हैं, लेकिन राजनैतिक दलों की स्वार्थ भावना के लिए सिद्धांतों व आदर्शों को तिलांजलि देना उन्हें रास नहीं आया। उन्होंने एक बहुचर्चित राजस्थानी लोक कहावत ‘बहुओं से चोर मरवाए, चोर बहुओं के भाई’ का उल्लेख करते हुए कहा कि लाडनूं की राजनीति में गुंडा, बदमाश और भूमाफिया लोग हावी हो गये हैं। इसी कारण उनका इन पार्टियों से मन भर गया। इन पार्टियों ने गुंडों से समझौता कर लिया, जो आम जन के हितों के विपरीत है और राजनीति की स्वच्छता को बलि चढा दिया गया है। इस स्थिति के कारण वे असहजता महसूस कर रहे थे। हनुमान बेनीवाल से प्रभावित होकर ही उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का दामन थामा है। घिंटाला ने बताया कि रालोपा के सुप्रीमो बेनिवाल बहिन बेटियों और 36 कौम के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उनसे प्रभावित होकर कांग्रेस पार्टी छोड़ कर उन्होंने आरएलपी ज्वाइन की है। उन्होंने बताया कि सांसद बेनीवाल पिछले काफी सालों से मजबूती से आगे बढे हैं। लाडनूं के लिए उन्होंने सांसद निधि से खूब पैसा दिया। सड़क, सफाई, रोशनी, बिजली, पानी के लिए काफी काम किया है।
लाडनूं पंचायत समिति प्रधान आरएलपी का बनाने का दावा
आरएलपी संयोजक ज्ञानाराम महरिया ने इस अवसर पर कहा कि रालोपा लाडनूं की सभी 27 सदस्यों की पंचायत समिति की सीटों पर और 5 जिला परिषद सदस्यों की सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने भी कहा कि इन चुनावों के बाद लाडनूं पंचायत समिति में आरएलपी का ही प्रधान बैठेगा, यह वे दावे के साथ कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रेस वार्ता से पूर्व उनकी आरएलपी कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूरी रूपरेखा तय करने के साथ ही पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए।
सभी कार्यकर्ता दिखाएंगे एकता और बनाएंगे बहुमत
आरएलपी नेता रामकरण रैवाड़ ने अपने जोशीले अंदाज में नगर पालिका चुनाव में लाडनूं क्षेत्र में आरएलपी की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए पंचायत राज चुनाव में आरएलपी को लाडनूं की सिरमौर पार्टी के रूप में खड़ा करने की घोषणा की। कार्यकर्ता दिनेश खिलेरी निम्बी जोधां ने बताया कि हनुमान बेनीवाल ने हमारे लिए बहुत संघर्ष किया है। वे सबको बराबर समझते हैं। अब हमारी बारी है कि हम उनको एकता दिखाएं और पूरा प्रचार करें। उन्होंने बताया कि वे न्याय योद्धा के रूप में विश्व भर में प्रसिद्ध हो चुके हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंद मंडा, जगदीश बाजोलिया, रमेश चौधरी, नाथूराम खंगार, सांवरमल जाट सरपंच इंद्रपुरा, हरेंद्र खिलेरी, मेहराम गेट बल्दू आदि भी उपस्थित रहे।
चुनावी तैयारियों को लेकर आरएलपी की बैठक आयोजित
इससे पूर्व आरएलपी कार्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं की एक बैठक बीएलए प्रथम ज्ञानाराम महरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के कार्यों, रीति-नीति, सिद्धांतों, कार्यक्रमों आदि पर विचार किया गया और लाडनूं क्षेत्र में पूरी ताकत के साथ पंचायत चुनाव लड़ने का आह्वान किया गया। इस बैठक में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों से आवेदन भी मांगे गए।लाडनूं पंचायत चुनावों की तैयारी को लेकर आयोजित इस बैठक में खींवाराम घींटाला, सांवरमल जाट खींवज, गोविंद मंडा, रामकरण रैवाड़ शिमला, रामनारायण, मेहराम गेट बल्दू, रमेश चौधरी, खलील घिरड़ौदा मीठा, सहीराम महला लाछड़ी, भंवरलाल जाट तंवरा, विजयराज गौरा कसूम्बी, महेश कुमार तंवरा, नारायण सिंह भाटी तंवरा, रामनिवास डूडी तंवरा, प्रहलाद भंवरिया तंवरा लोडसर, गणपत कलाणिया तंवरा लोडसर, ओमप्रकाश डारा खोखरी, केशाराम डारा खोखरी, गिरधारी राम बगड़िया ओडींट, महमूद अली शिमला, अमृताराम सारण चन्द्राई, भगवानाराम ठोलिया शिमला, नाथूराम राहड़ खंगार, हरेन्द्र खिलेरी ध्यावा, सुरजाराम इनाणियां चकगारेड़ी, अली शेर घिरड़ौदर मीठा, संजय कुमार खटीक, रमेश ठोलिया गुणपालिया, जगदीश शर्मा शिमला, राजू राहड़, जगदीश बाजोलिया, राजेश ढाका, विष्णु स्वामी, दिनेश खिलेरी निम्बी जोधां, ओमप्रकाश सारण मालासी आदि उपस्थित रहे।



