माउंट आबू का नाम बदल कर प्राचीन नाम ‘आबूराज’ किए जाने की मांग को लेकर विशाल आध्यात्मिक रैली का आयोजन, अर्बुदा देवी शाक्ति माता मंदिर से निकली इस विशाल आध्यात्मिक रैली में 16 गांवों और 53 संगठनों के लोग शामिल हुए, एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर बताया ‘आबूराज’ का महत्व

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माउंट आबू का नाम बदल कर प्राचीन नाम ‘आबूराज’ किए जाने की मांग को लेकर विशाल आध्यात्मिक रैली का आयोजन,

अर्बुदा देवी शाक्ति माता मंदिर से निकली इस विशाल आध्यात्मिक रैली में 16 गांवों और 53 संगठनों के लोग शामिल हुए, एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर बताया ‘आबूराज’ का महत्व

माउंट आबू/ आबूराज (kalamkala.in)। माउंट आबू का नाम बदलकर ‘आबूराज’ करने की मांग को लेकर शुक्रवार को माउंट आबू में शक्ति माता मंदिर से एक विशाल आध्यात्मिक रैली निकाली गई। राजपूत समाज के अध्यक्ष दलपत सिंह दहिया के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में हजारों लोगों ने भाग लिया। रैली में मातृशक्ति और बालिकाएं बड़ी संख्या में राजपूती परिधान में शामिल हुईं। 108 कलश यात्रा भी इस रैली का हिस्सा बनी। स्थानीय साधु-संतों ने भी रैली को अपना समर्थन दिया। रैली का मार्ग शक्ति माता मंदिर से शुरू होकर बस स्टैंड, रोटरी चौराहा, चाचा म्यूजियम चौराहा, अंबेडकर चौराहा, एमके चौराहा, अंबेडकर चौराहा, एमके चौराहा और नक्की झील होते हुए उपखंड कार्यालय तक रहा।

एसडीएम को ज्ञापन देकर बताया आबूराज का महत्व

आध्यात्मिक रैली में सभी युवा सदस्य अपने हाथों में ‘आबूराज’ की तख्तियां, बैनर और ध्वज को फहराते हुए शामिल हुए। रैली के उपखंड कार्यालय पहुंचने पर बालिकाओं ने उपखंड अधिकारी डॉ. अंशु प्रिया का तिलक किया और दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें अपनी मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इसमें राजपूत समाज के 16 गांवों के निवासियों औश्र 53 संगठनों के लोगों ने बताया है कि माउंट आबू एक अंग्रेजी नाम है। इसे बदल कर ‘आबूराज’ किया जाए। ज्ञापन में बताया कि आबूपर्वत का नाम स्कंध पुराण में ‘आबूराज’ दर्ज है। यह सप्त ऋषियों की तपोस्थली रहा है। यहां के सारे पर्यटन स्थल धार्मिक हैं, जैसे अर्बुदा माता मंदिर शक्ति पीठ, दत्तात्रेय मंदिर, अचलेश्वर महादेव, बद्रीनाथ, केदारनाथ समीप उत्तरज, वशिष्ठ आश्रम भी हैं। यहां गोवर्धन की तर्ज पर आबूराज की परिक्रमा गर्मी के दिनों में हजारों ग्रामवासी करते हैं। स्थानीय लोग हमेशा सवेरे आबूराज को नतमस्तक करते हैं व जय आबूराज का उच्चारण करते हैं। यह धरती 33 कोटी देवी देवताओं की पूज्य स्थली है।

16 गांवों के लोगों और 53 संगठनों ने लिया हिस्सा

इस रैली कार्यक्रम में नीलकंठ अध्यक्ष शंकर सिंह, राजपूत युवा संगठन के अध्यक्ष नारायण सिंह बारोड़, भृगु आश्रम सेवा समिति के अध्यक्ष सोमसिंह, उपसरपंच तरुण सिंह, प्रवीण सिंह परमार, महेंद्र परमार, मंगल सिंह, हिम्मत सिंह परमार, इंदरसिंह, बाबूसिंह परमार समेत हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं, पुरुष, बच्चे, साधु-संत, ग्रामवासी समेत दूरस्थ स्थान उतरज, शेरगांव समेत ऊबेड़ागांव, फूलाबाई का खेड़ा आदि ग्रामीण स्थलों से भी आए ग्रामीण मौजूद रहे। रैली में 16 गांवों के निवासी और 53 संगठनों ने हिस्सा लिया।

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Author: kalamkala

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