भगवान महावीर के सिद्धांत प्राणी मात्र के कल्याण का पथ प्रशस्त करते है, भगवान महावीर की 2623वीं जन्म जयंती पर समारोह आयोजित, मुनिश्री जयकुमार का लाडनूं पधारने पर किया गया भावभीना स्वागत

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भगवान महावीर के सिद्धांत प्राणी मात्र के कल्याण का पथ प्रशस्त करते है,

भगवान महावीर की 2623वीं जन्म जयंती पर समारोह आयोजित,

मुनिश्री जयकुमार का लाडनूं पधारने पर किया गया भावभीना स्वागत

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalalkala.in)। यहां श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में पहली पट्टी स्थित मुनिश्री रणजीतकुमार एवं मुनिश्री जयकुमार के सान्निध्य में 2623वां महावीर जयंती समारोह आयोजित किया गया। मुनि रणजीतकुमार ने समारोह में कहा कि व्यक्ति जन्म से नहीं, कर्म से महान बनता है। इस उद्घोष से महावीर की चिंतनधारा व्यापक बनी है। नर से नारायण व निरंजन बनने की कहानी ही महावीर का जीवन दर्शन है। हमें उनके सिद्धांतों व आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मुनि जयकुमार ने कहा कि विश्व की बड़ी-बड़ी समस्याओं का समाधान अनेकांत के सिद्धांत से संभव है। विश्वशांति की परिकल्पना भगवान महावीर के अनेकांत के दर्शन से ही साकार हो पाएगी। यह सिद्धांत अनेकता में एकता स्थापित करने के लिए सभी के हितों का संरक्षण करने का उपक्रम है। उन्होंने कहा कि अनेकांत का विचार ही जैन दर्शन, धर्म व संस्कृति का प्राण है। जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने भगवान महावीर के सिद्धांतों को सार्वकालिक बताते हुए कहा कि उनके सिद्धांत प्राणी मात्र के कल्याण का पथ प्रशस्त करते हैं। डॉ. सुशीला बाफना ने अहिंसा दर्शन की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि सच्ची अहिंसा वह है, जहां मानव-मानव के बीच भेदभाव न हो। मनुष्यों के हृदय, शब्द और भावनाओं में समन्वय हो।

मुनि जयकुमार का सहमुनियों के साथ स्वागत

इस अवसर पर तेरापंथ धर्मसंघ के विख्यात साधक संत मुनि जयकुमार का अपने सहवर्ती मुनि मुदित कुमार के साथ लाडनूं पधारने पर स्वागत किया गया। अधिकांश वक्ताओं ने मुनि जयकुमार के पदार्पण से लाडनूं की धरा को धन्य और जनमन को पुलकित बताते हुए कहा कि मुनि जयकुमार अध्यात्म की अलख जगाने के लिए लाडनूं पधारे हैं। इनका प्रवास लाडनूं वासियों के जीवन के रूपांतरण का पथ प्रशस्त करेगा। कार्यक्रम में तेरापंथी सभा के पूर्व मंत्री राजेंद्र खटेड़, जैन विश्व भारती की निदेशक विजयश्री शर्मा, युवक परिषद के मंत्री राजकुमार चोरड़िया, मुनि मुदितकुमार, मुमुक्षु भावना, तेरापंथ महिला मंडल की सहमंत्री राजश्री भूतोड़िया आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। मुनि कौशलकुमार, मुनि तन्मयकुमार एवं तेरापंथ कन्या मंडल की सदस्याओं ने गीतिकाओं का गान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में तेरापंथ महिला मंडल की सदस्याओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। तेरापंथी सभा के मंत्री महेंद्र बाफना ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालध आलोक खटेड़ ने किया।

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Author: kalamkala

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