डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आने से नहीं बन पाया अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र भी, समस्त राजकीय सुविधाओं से वंचित हैं मृतक का परिवार, बल्दू के प्रभु राम मेघवाल के परिवार को न्याय की मांग को लेकर फिर सौंपा गया ज्ञापन

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आने से नहीं बन पाया अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र भी, समस्त राजकीय सुविधाओं से वंचित हैं मृतक का परिवार,

बल्दू के प्रभु राम मेघवाल के परिवार को न्याय की मांग को लेकर फिर सौंपा गया ज्ञापन

लाडनूं (kalamkala.in)। सरकार और प्रशासन की ओर से दलित की हत्या के मामले में पुलिस व प्रशासन के साथ हुए समझौते की पालना नहीं होने को लेकर विभिन्न दलित नेताओं ने उपखण्ड अधिकारी मिथलेश कुमार को फिर एक ज्ञापन सौंपा है। गत 28 अप्रैल के समझौते का हवाला देते हुए ज्ञापन में बताया गया है कि प्रभुराम मेघवाल को मारपीट कर हत्या करने और फिर पेट्रोल डालकर गाड़ी में जलाने के मामले में दिए जा रहे धरना के दौरान धरनास्थल पर ही पुलिस प्रशासन के साथ पीड़ित परिवार और उपस्थित सर्व समाज की ओर से 28 अप्रेल को दिए गए मांग पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह मांग पत्र उपखंड अधिकारी मिथिलेश कुमार और पुलिस उपधीक्षक विक्की नागपाल को सौपा गया था, लेकिन उसके अनुसार पीड़ित परिवार को अभी तक कुछ नही मिला है। ज्ञापन के साथ सोमवार को फिर से एस.डी.एम. से मिलकर एफ.आई.आर नम्बर 77/25 पी.एस. लाडनूं अन्तर्गत धारा 103 (1) 238 (ए) बीएनएस के मामले में सर्वसमाज और पीड़ित पक्ष की ओर से दिये गये मांग पत्र की मांगों को पूरी करने की बात रखी गई है। अम्बेडकर दलित अधिकार मंच के अध्यक्ष हरिश मेहरड़ा ने बताया कि ग्राम बल्दू तहसील लाडनूं के रहने वाले प्रभुराम की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर 3 आरोपी गिरफ्तार हो चुके, बाकी आरोपी, जो इस मामले में लिप्त हैं, उनको भी गिरफ्तार किया जावे। सबकी मांग थी कि मामले की जांच सीओ विक्की नागपाल से करवाई जावे, लेकिन अभी तक जांच पुलिस उपाधीक्षक को नहीं दी है। इसलिए, मामले की जांच तुरन्त प्रभाव से सीओ विक्की नागपाल को दी जाये। मांग पत्र की तीसरी मांग के अनुसार मृतक प्रभुराम की संतानों में 6 लड़कियां व 2 लड़के हैं, इसलिए परिवार को 50 लाख के आर्थिक सहायता और संविदा नौकरी की मांग रखी गई थी, लेकिन अभी तक पीड़ित परिवार को कुछ नहीं मिला है। विधिक सेवा प्राधिकारण ताल्लुका मेड़ता से पीड़ित प्रतिकर के तहत आर्थिक सहायता की मांग रखी थी। पुलिस प्रशासन ने कहा था कि आपका फार्म जल्द ही भरवा देंगे, लेकिन अभी तक डी.एन.ए. रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण पीड़ित परिवार को प्रभुराम का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।पीड़ित परिवार को डेयरी बूथ सहित राजस्थान सरकार एवं केन्द्र सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता और योजनाओं का लाभ दिये जाने की मांगें रखी गई थी, लेकिन अभी तक मृतक की पत्नी व बच्चों को विधवा पेंशन व पालनहार का लाभ भी नहीं मिलाश पाया है।उपखण्ड अधिकारी ने आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिया जाएगा और डीएनए रिपोर्ट और जांच बदलने के लिए पुलिस अधीक्षक डीडवाना को अवगत करवाया जायेगा। ज्ञापन देते वक्त अंबेडकर दलित अधिकार मंच के अध्यक्ष हरिश मेहरड़ा, कालूराम मेघवाल, भंवरलाल मेघवाल, अशोक कुमार, हरेंद्र मेघवाल, हेमाराम मेघवाल आदि उपस्थित थे।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

पूर्व परिवहन आयुक्त डॉ. नानूराम चोयल के मातृशोक पर संवेदना व्यक्त करने पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व पत्रकार समूह, गैनाणा की पूर्व सरपंच 94 वर्षीया लाली देवी चोयल के निधन पर आयोजित शोक सभा में पहुंचे विभिन्न जन प्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता, अधिकारी और ग्रामीणजन

व्हाट्सअप और इंस्टाग्राम के मैसेज-कॉल से वशीभूत होकर घर में सबको सोया छोड़ भागी युवती या किया गया बहला-फुसलाकर अपहरण, क्यों नहीं जागी युवती में पुत्रों के लिए ममता? पुलिस ने मामला किया दर्ज, जांच व तलाश जारी

राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी- पुलिस की साइबर क्राईम ब्रांच ने की साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से बचने के लिए सतर्कता बरतने की अपील: सरकारी योजना और कैशबैक के नाम पर साइबर ठगी, फेसबुक-इंस्टाग्राम पर नेताओं के फर्जी विज्ञापन, डीपफेक वीडियो और +92 नंबरों से संपर्क कर मांगी जा रही फीस; यूपीआई कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही खाली हो रहे खाते

करोड़ों के जीएसटी व आयकर घोटाले का मुख्य आरोपी जयपुर में धरा गया, पुलिस से छिपता फिर रहा था चार सालों से, लोगों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेज हासिल कर फर्जी जीएसटी फर्मों, फर्जी बैंक खातों से लगाया सरकार व लोगों को लाखों का चूना, पिछले चार साल से फरार व पुलिस से छिपते घूम रहे मुलजिम प्रवीण जांगीड़ दुजार को पुलिस ने जयपुर से दबोचा, जयपुर में जीता था ऐश की ज़िंदगी, जीएसटी भी बरसों से तलाश रही थी

शहर चुनें

Follow Us Now