पाबोलाव का प्रसिद्ध हनुमान पशु मेला 25 अगस्त से, 23 को होंगी चौकियां कायम
लाडनूं (kalamkala.in)। पंचायत समिति लाडनूं के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति भादवा माह में आयोजित होने वाला प्रख्यात श्री हनुमान पशु मेला इस वर्ष मिति भादवा सुदी दूज से भादवा सुदी सप्तमी संवत 2082 तक (25 से 30 अगस्त तक) पाबोलाव ताल में आयोजित किया जाएगा। यह पाबोलाव ताल का मेला मैदान राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 व मेगा हाईवे पर जसवन्तगढ़ एवं लाडनूं के मध्य स्थित है। इस स्थान पर सभी स्थानों से बसों के आवागमन की सुविधा हमेशा उपलब्ध रहती है। जो लोग ट्रेन से मेले के लिए आएंगे, उन्हें सुजानगढ़ अथवा लाडनूं रेल्वे स्टेशन पर उतरना होगा। इसी प्रकार बसों से आने वालों को बीकानेर, नागौर, भरतपुर, जयपुर, सीकर, सालासर से पाबोलाव (जसवन्तगढ़) आने के लिए सीधी बसें मिल जाएंगी। पंचायत समिति द्वारा मेला-स्थल पर पानी, रोशनी, सुरक्षा, चिकित्सा एवं अन्य समस्त व्यवस्थाएं की जाती है और मेले के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर पूरा ध्यान रखा जाता है।
23 अगस्त से लगेंगी मेले की चौकियां
विकास अधिकारी कुमुद सोलंकी ने बताया कि मेला स्थान पर दुकानों का आवंटन 20 अगस्त से प्रारम्भ कर दिया गया है। मेला स्थान पर चौकियां 23 अगस्त को प्रातः 10 बजे कायम की जायेगी। पशुओं के क्रय-विक्रय पर पंचायत समिति लाडनूं द्वारा निर्धारित दर से कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि मेले में पशुओं की रवानगी 30 अगस्त को प्रातः 7 बजे से प्रारम्भ की जायेगी। मेले में शामिल होने वाले पशुधन में से उत्तम नस्ल के सर्वोतम पशु पालकों को सम्मानित व पुरस्कृत भी किया जाएगा। गौरतलब है कि इस प्रसिद्ध पशु मेले में किसानों, पशुपालकों तथा पशु व्यापारियों को उत्तम नस्ल के पशु उपलब्ध हो सकेंगे। मेले में उत्तम नस्ल में मारवाड़ी, नागौरी एवं शेखावाटी नस्लों के बैल, बछड़े, भैंस, बीकानेरी एवं जैसलमेरी ऊंट, टोरड़िये, घोड़ा-घोड़ी, दुधारू गाय-भैंस आदि हजारों की संख्या में खरीद-फरोख्त के लिए आते है। साथ ही उत्तरप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश एवं राजस्थान आदि के दूरदराज क्षेत्रों से हजारों व्यापारी पशुओं के क्रय-विक्रय के लिए पहुंचते हैं।







