लाडनूं में मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ, साढ़े पांच वर्षीय बीएनवाईएस पाठ्यक्रम का अध्ययन हुआ प्रारम्भ,
कार्यक्रम आयोजित कर किया गया विधिवत शुभारंभ


लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं क्षेत्र के लिए यह अतीव खुशी का एवं ऐतिहासिक अवसर है, जब यहां पहली बार मेडिकल कॉलेज का विधिवत पाठ्यक्रम प्रारंभ करके शिक्षण कार्य शुरू किया गया है। जैन विश्वभारती डीम्ड यूनिवर्सिटी में नव स्थापित आचार्य महाप्रज्ञ मेडिकल कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगा में राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित बैचलर आफ नेचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस (बीएनवाईएस) का साढे पांच वर्षीय कोर्स प्रारंभ किया गया है। इस शुभारम्भ अवसर पर हेड ऑफ द डिपार्टमेंट ऑफ नेचुरोपैथी डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा का भविष्य उज्जवल है। विकसित देशों में इसकी बहुत मांग बढ़ रही है और इसी दृष्टिकोण से प्राकृतिक चिकित्सा में आप लोग जो यहां अध्ययनशील हो रहे हैं, यह आपके लिए प्रगति के नये अवसर खोलेगी। इस अवसर पर नव प्रवेशित विद्यार्थियों का तिलकार्चन करके स्वागत किया गया। डा. शर्मा ने उद्घाटन सत्र में विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस मेडिकल कॉलेज के निर्माण व इसको खोलने, प्रारंभ करने में जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ का सुनहरा स्वप्न था कि यहां प्राकृतिक महाविद्यालय और साधन संपन्न चिकित्सालय स्थापित हो। उनका यह सपना आज पूर्ण हुआ है। इसके लिए उन्होंने कुलपति को बधाई दी। साथ ही बताया कि जैन धर्म में प्राकृतिक चिकित्सा का बहुत महत्व है, क्योंकि इसमें प्रकृति पर निर्भर पांच महाभूतों से निर्मित शरीर के अनुकूल चिकित्सा व्यवस्था रहती है और वह सफलतापूर्वक आरोग्य का काम भी करती है। डॉ.शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा जीवन जीने की शिक्षा प्रदान करती है। योग चित् की वृत्तियों का निरोध करता है, चित के चंचलता आदि दुष्परिणामों को रोकता है। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थी, मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सा केंद्र का स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।






