लाडनूं में आयोज्य श्री रामचरित मानस नवाह्न पारायण की तैयारियों को लेकर हुई बैठक,
विभिन्न कार्य-समितियों के सदस्यों को सौंपे विभिन्न दायित्व
लाडनूं (kalamkala.in)। श्री रामचरित मानस नवाह्न पारायण के आयोजन को लेकर यहां श्री रामआनंद गौशाला में एक बैठक का आयोजन संयोजक हनुमान मल जांगिड़ की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में बनाई गई समितियों के सदस्यों को दिए गए प्रभार व दायित्वों के सम्बन्ध में चर्चा की गई। आयोजन के प्रचार-प्रसार को लेकर सदस्यों ने बैठक में अपने विचार व्यक्त किए। 22 सितंबर को कलश यात्रा के आयोजन और संतों के स्वागत के बारे में कार्यक्रम तय किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में लगाए जाने वाले पोस्टरों, बैनरों, पैम्फलेटों आदि के लगाने, वितरण करने और माइक से शहर में एनाउंसमेंट करने पर विचार किया गया। अनेक स्थानों का निर्धारण किया गया। दुलार, मंगलपुरा, कोयल, बादेड़, निम्बी जोधां, जसवंतगढ़ आदि में प्रचार और डूंगर बालाजी मंदिर, पाबोलाव बालाजी मंदिर, करंट बालाजी मंदिर, कमल घूमर चौक, बस स्टेण्ड पर बीसथम्भा छतरियां, शीतला माता मंदिर, रामद्वारा सत्संग भवन, मौजीनाथ समाधिस्थल, वाल्मीकि बस्ती स्थित गोगामेड़ी, तुलसी द्वार आदि पर आयोजन सम्बंधी बैनर लगाए जाने, प्रचार-प्रचार के लिए ई-रिक्शा का प्रयोग करने आदि का तय किया गया। नवाह्न पारायण कार्यक्रम स्थल पर गौशाला परिसर में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने, गौशाला के सभी प्रवेश द्वारों की उचित व्यवस्था करने, सामने फर्रियां व झंडे लगाने, लाईट डेकोरेशन करने व गणेश आदि की विद्युतीय तस्वीरें लगवाने के अलावा पारायण कार्यक्रम में प्रतिदिन चार यजमान तक के बैठाने, यजमानों के स्वागत-सम्मान की उचित व्यवस्था करने आदि के निर्णय लिए गए। आयोजन को लेकर सफाई व्यवस्था के लिए नगर पालिका को, सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस को और कलश यात्रा व अन्य आयोजन के सम्बन्ध में उपखण्ड मजिस्ट्रेट को लिखित में देने व आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने का तय किया गया। इस आयोजन के अवसर पर नोखा के भामाशाह कुलरिया परिवार से सम्पर्क करने एवं उन्हें आमंत्रित किया जाने का भी तय किया गया। बैठक का संचालन सीताराम गौतम ने किया। इस बैठक में हनुमान मल जांगिड़ के अलावा सुशील पीपलवा, पूसराज सोनी, हंसराज सोनी, लूणकरण शर्मा, ललित सोनी, गुलाबचंद चौहान, पवन महेश्वरी, प्रेमप्रकाश सोनी, विजय कुमार चौहान, मोहनसिंह चौहान, मदन गोपाल नवहाल, कैलाश घोड़ेला, शिवशंकर बोहरा, रमेशचन्द सोनी, आरपी जोशी, डॉ. वीरेंद्र भाटी मंगल, डॉ. जगदीश यायावर, नोरतनमल रैगर, राधेश्याम सांखला आदि उपस्थित रहे।






