राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझाइश से किया गया 196 प्रकरणों का निस्तारण, 2 करोड़ 56 लाख 99 हजार 701 रूपये का अवार्ड पारित
लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेड़ता के निर्देशानुसार एडीजे लाडनूं एवं एसीजेएम लाडनूं के न्यायालयों में लम्बित व ताल्लुका विधिक सेवा समिति लाडनूं के प्रि-लिटिगेशन स्टेज पर राजीनामा योग्य प्रकरणों के संबंध में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में दो बैंचों का गठन किया गया। लोक अदालत प्रथम बैंच अध्यक्ष आरिफ मोहम्मद खान चायल (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश लाडनूं), बैंच सदस्य अधिवक्ता दिनेश पटेल, द्वितीय बैंच अध्यक्ष डाॅ. मनोरमा मीणा (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लाडनूं), अनिरूद्ध देव पाण्डेय (तहसीलदार लाडनूं), बैंच सदस्य अधिवक्ता सोनू शर्मा व अन्य अधिवक्तागण तथा वित्तीय व अन्य संस्थाओं-विभागों के अधिकारीगण-प्रतिनिधिगण के प्रयासों से राजीनामों का विशेष प्रयास किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझाइश से किया गया 196 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर 2 करोड़ 56 लाख 99 हजार 701 रूपये का अवार्ड पारित किए गए। इनमें प्रि-लिटिगेशन एवं न्यायालयों में लंबित निस्तारित प्रकरणों में प्रि-लिटिगेशन-ताल्लुका विधिक सेवा समिति लाडनूं के 69 प्रकरणों से 23 लाख 42 हजार के अवार्ड पारित किए गए।
इन प्रकरणों का हुआ लोक अदालत में निस्तारण
न्यायालयों के पेडिंग प्रकरण- 1 और राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण 77 का निस्तारण किया गया। इनके अलावा 138 एनआई एक्ट के प्रकरण- 7 से 91 लाख 77 हजार 200 का अवार्ड पारित किया गया। भरण पोषण संबंधित प्रकरण 27 का निस्तारण कर 8 लाख 1 हजार का अवार्ड पारित किया गया। वैवाहिक विवाद के प्रकरण 5, एम.ए.सी.टी प्रकरण 1 के निस्तारण से
1 करोड़ 33 लाख 79 हजार 501 के अवार्ड पारित हुए। अन्य समस्त सिविल प्रकरण 10 का निस्तारण किया गया। इस प्रकार कुल 196 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर 2 करोड़ 56 लाख 99 हजार 701 के अवार्ड पारित किए गए।
इन सबकी रही उपस्थिति व सहयोगिता
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में संजय कुड़ी, मदन सिंह राठौड़़, चांदमल बल्दवा, विष्णु काकड़ा, नरेन्द्र टाक, चन्द्रप्रकाश मीणा, आस्था शर्मा तथा बार संघ लाडनूं के अधिवक्तागण एवं अन्य विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी व प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे, जिन्होंनें इस लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण में सहयोग किया।





