‘पैसे उधार देकर दुश्मनी मोल ले ली’
वृद्धा विधवा के खेत में घुसकर किया घातक हमला, सिर व हाथों पर किया हथियार से वार, वृद्धा के लिए 5 लाख लौटाने से किया इंकार
लाडनूं (kalamkala.in)। कहावत है कि अगर बैर नहीं है या दुश्मनी नहीं है, तो रूपए उधार देकर देख लो। यह कहावत चरितार्थ हुई है लाडनूं के जमालपुरा की रहने वाली वृद्धा लिछमा देवी स्वामी के साथ। उसने करीब 10 साल पहले अपने पड़ौसी को 5 लाख रुपए उधार दिए थे और वे रुपए मांगने पर झगड़ा-फसाद करने पर उतारू हो जाते हैं। अब तो रुपए देने से साफ इंकार तक कर दिया है और वृद्धा विधवा और उसके बेटे के साथ हथियारों से संगीन मारपीट तक कर डाली। वृद्धा को निकटवर्ती सुजानगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। लाडनूं पुलिस ने सुजानगढ़ अस्पताल पहुंच कर घायल महिला के पर्चा बयान लेकर हमलावर पड़ौसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सुजानगढ़ अस्पताल जाकर पुलिस ने लिया घायल महिला का पर्चा बयान
अपने पर्चा बयान में लिछमा देवी (68) पत्नी स्व. लाल चन्द स्वामी निवासी जमालपुरा पुलिस थाना लाडनं ने पुलिस को बताया कि 2 अक्टूबर को सुबह 7-8 बजे करीब वह अपने खेत में बैठी थी। उसके पास उसका बड़ा लड़का बोदूराम भी था। तभी उनके पड़ौसी रफीक व शाजिद पुत्र गण महबूब निवासी जमालपुरा आये, उनके हाथ में हथियार था। आते ही रफीक ने वृद्धा महिला के सिर और हाथ पर हथियार से मारी। उसी हथियार से उसके बडे़ लड़के बोदु के साथ भी उन्होंने मारपीट की। इतने में पड़ौसी मिंकू, खलील वगैरा भी आ गये। तब मारपीट कर रहे रफीक, शाजिद वहां से भाग गये। फिर उसका लड़का सांवरा भी आ गया। जिसने उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल सुजानगढ पहुंचाया। महिला ने बताया कि करीबन दस साल पहले महबूब व उसके लड़के रफीक व शाजिद ने उनसे पांच लाख रुपये लिये थे। वे उन्होंने आज दिन तक वापस नहीं दिये। और अब तो देने से मना भी कर दिया है। उनके द्वारा अपने उधार दिये हुए रुपये वापस मांगने पर ये लोग उनके साथ मारपीट पर उतारू रहते है। इसी रंजिश के चलते हुए इन लोगों ने उनके साथ मारपीट की है तथा जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। लाडनूं पुलिस ने इस पर्चा बयान के आधार पर धारा 329 (3), 115 (2), 126 (2) बीएनएस 2023 के तहत दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया है।




