शिक्षा विभाग के आदेशों की अवहेलना, घोषित अवकाश के पहले ही दिन पाई गई निजी विद्यालयों में शिक्षण गतिविधियां,
लाडनूं शहर के दो विद्यालयों सहित कुल 5 विद्यालयों को दिए मान्यता रद्द करने के नोटिस

लाडनूं (kalamkala.in)। शिविरा पंचांग के मुताबिक एवं शिक्षा विभाग द्वारा सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों के लिए घोषित अवकाश के आदेशों की अवहेलना करने की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लाडनूं द्वारा लाडनूं शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का सोमवार को औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कतिपय विद्यालयों द्वारा घोषित अवकाश के आदेशों की अवहेलना पाई गई, जिस पर शिक्षा विभाग की ओर से उन विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्हें जवाब-तलब किया गया है। ऐसे विद्यालयों में लाडनूं शहर का गाजी सरकार शिक्षण संस्थान सीनियर सैंकेंडरी स्कूल व महर्षि दयानंद शिक्षण संस्थान लाडनूं, जसवंतगढ का गुरूकुल किड्स एकेडमी जसवंतगढ, ध्यावा का शहीद कानसिंह मैमोरियल शिक्षण संस्थान एवं रोडू ग्राम का नवज्योति विद्या मंदिर सीनियर सैकेंडरी स्कूल शामिल है। सभी निजी विद्यालयों द्वारा आरटीई के तहत सरकार से पूरा लाभ उठाया जाता है, लेकिन सरकार के ही आदेशों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही है। इसे शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है और कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।
मध्यावधि अवकाश के पहले ही दिन खुले मिले विद्यालय
इन विद्यालयों को जारी किए गए नोटिस में बताया गया है कि 13 से 24 अक्टूबर तक राजस्थान सरकार द्वारा मध्यावधि अवकाश घोषित था, इस संबंध में विभाग के निर्देशानुसार सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों को राजकीय अवकाश के दिन विद्यालय नहीं खोलने हेतु पाबन्द भी किया गया था। इसके बावजूद 13 अक्टूबर को अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रथम द्वारा निरीक्षण करने पर उनके द्वारा विद्यालय संचालित किया जाकर शैक्षणिक गतिविधियां करवाया जाना पाया गया है। इससे स्पष्ट है कि उनके द्वारा विभागीय आदेशों की स्पष्ट अवहेलना की गई है। इसके लिए उनकी संस्था के विरूद्ध गैर सरकारी शैक्षणिक संस्था अधिनियम 1989, नियम 1993, संशोधित नियम 2011 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए विद्यालय की मान्यता प्रत्याहारित करने हेतु प्रस्ताव तैयार किये जाकर विभाग को प्रेषित कर दिये जाने के इस संबंध में स्पष्टीकरण उसी दिन कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत करने को लिखा गया। नियत समय में प्रत्युत्तर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उनके विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव तैयार किये जाकर विभाग को प्रेषित करने की चेतावनी दी गई है।






