किसानों की आवाज सरकार तक- फसल खराबे को लेकर आया किसानों में उबाल,
पूर्व विधायक चेतन डूडी ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, पूछा क्यों नहीं दिया जा रहा बीमा क्लेम


शकील अहमद उस्मानी, जर्नलिस्ट। डीडवाना (kalamkala.in)। कृषि संकट और बीमा दावों में अनियमितता को लेकर किसानों ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की। बुधवार को पूर्व विधायक चेतन डूडी के नेतृत्व में मंडाबासनी पंचायत के किसानों का प्रतिनिधिमंडल उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचा और मुख्यमंत्री के नाम का महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट कहा है कि क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा घोषित खराबे के आकलन को इंश्योरेंस कंपनियां मानने से इंकार कर रही हैं, जो सीधे-सीधे किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारी मनमानी व भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिस पर तत्काल लगाम लगाई जाए।
किसानों की प्रमुख मांगे
🔹 सरकार द्वारा घोषित फसल खराबे को इंश्योरेंस कंपनी मान्य करे।
🔹 बीमा क्लेम रोकने व कम आंकने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगे।
🔹 जिन किसानों ने फसल बीमा करवाया है, उन्हें पूर्ण क्लेम सुनिश्चित मिले।
🔹 फसल खराबा घोषित होने के बाद प्रत्येक बीमित किसान को निर्धारित मुआवजा अनिवार्यतः जारी किया जाए।
🔹 बीमा क्लेम समय पर देकर आर्थिक राहत सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपते समय क्षेत्र के कई किसान, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने एकस्वर में कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।







