रेलवे अंडरपास के नीचे से गुजर रही स्कॉर्पियो पानी भरे होने से हुई बंद, चालक की हुई अंदर ही मौत,
हादसे को लेकर अनेक सवाल, संदिग्ध माना जा रहा है हादसा, पुलिस जांच में जुटी
लाडनूं (kalamkala.in)। रेलवे द्वारा बनवाए जा रहे अंडरपास लोगों के लिए तब आफत भी साबित हो जाते हैं, जब उनमें पानी भर जाता है। बारिश में हो उनसे निकलना तक दूभर हो जाता है, वे पानी से भर जाते हैं। रेलवे उनके जल-भराव के निस्तारण के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं कर पा रही है। पानी निकासी नहीं होने से यहां सोमवार को एक व्यक्ति की जान चली गई। बताया जाता है कि अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर वह खानपुर के रेलवे अंडरपास से निकल रहा था कि उसकी गाड़ी वहां कीचड़ में फंसकर पानी की बीच बंद हो गई और चालक धनपत जाट (47) पुत्र नाथूराम जाट निवासी पदमपुरा (लाडनूं) की उसमें मौत हो गई। हालांकि, इस मौत को लेकर अनेक सवाल भी खड़े हैं, लेकिन उनका समाधान तो पुलिस जांच से ही सामने आएगा। हादसे की जगह पानी का स्तर केवल 2–2.5 फुट था, जिससे गाड़ी का बंद होना और चालक की मौत संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखकर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है जांच हेड कांस्टेबल बन्नाराम कर रहे हैं। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार रहेगा।
इस प्रकार हुआ हादसा
हादसे के अनुसार खानपुर रेलवे अंडरपास में पानी भरा होने से यह हादसा हुआ। इस अंडरपास पुलिया में पानी होने से स्कॉर्पियो गाड़ी फंस गई और बीच में बंद हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर खानपुर के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गाड़ी में से बेहोशी की हालत में ड्राइवर को सुजानगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लाडनूं पुलिस ने पहुंच कर शव को मोर्चरी में रखवाया है और परिजनों को सूचित किया जाकर पोस्टमार्टम करवाया गया है। मामले की जांच में पुलिस जुटी गई है। इस मामले में आगे की जांच और संभावित खुलासों में-
– पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चालक की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। – पुलिस जांच में गाड़ी की तकनीकी स्थिति की जाँच होगी, घटनास्थल की परिस्थितियों का विश्लेषण किया जाएगा। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि
– मौत स्वास्थ्य कारणों से हुई होगी, तो यह हादसा प्राकृतिक माना जाएगा।
– यदि गाड़ी या अंडरपास की स्थिति जिम्मेदार पाई गई, तो रेलवे/प्रशासन पर सवाल उठेंगे।
उठ रहे हैं अनेक सवाल
इस हादसे को लेकर अनेक तरह की संभावनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे यह हादसा संदिग्ध बन गया है। अंडरपास पुलिया के अंदर पानी का स्तर करीब दो-ढाई फुट मात्र था और गाड़ी बड़ी होने से उसमें फंसना और बंद हो जाना संदेहास्पद लग रहा है। गाड़ी के रुक जाने से अंदर चालक की मौत होना भी संदेह का कारण बन गया है। शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ खुलासा होना संभव हो पाएगा। पुलिस हर पहलु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे चालक की मौत का असली कारण सामने आएगा। लोगों के जेहन में उठ रहे सवालों और संदेह का निराकरण पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगा।
– पानी का स्तर: केवल 2–2.5 फुट था, जबकि स्कॉर्पियो जैसी बड़ी गाड़ी सामान्यतः इससे आसानी से निकल सकती है।
– गाड़ी का बंद होना: इतनी कम गहराई में इंजन बंद होना असामान्य माना जा रहा है।
– चालक की मौत: गाड़ी रुकने मात्र से चालक की मौत होना संदिग्ध है।
– संभावनाएँ:
– दम घुटने या पानी में फंसने की स्थिति।
– गाड़ी के भीतर कोई अन्य तकनीकी समस्या।
– स्वास्थ्य कारण (हार्ट अटैक/स्ट्रोक) भी संभावित।
इसके साथ ही अन्य विभिन्न मुद्दे भी इस हादसे के बाद खड़े हो रहे हैं। ये प्रशासनिक और संरचनात्मक मुद्दे हैं –
– रेलवे अंडरपास की समस्या:
– बरसात में पानी भरने से अक्सर लोगों को परेशानी होती है।
– जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
– स्थानीय लोगों की शिकायत:
– अंडरपास में जलभराव से बार-बार हादसे होते हैं।
– रेलवे और प्रशासन द्वारा स्थायी समाधान नहीं किया गया।





