लाडनूं में गणगौर की बोलावणी का विशाल ऐतिहासिक मेला 22 मार्च को, गौरड़ी नृत्य के साथ होगा सम्पन्न,
मेले की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित
लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं का ऐतिहासिक-सांस्कृतिक मेला गणगौर को लेकर लोगों में अभी से उत्साह बना हुआ है और सभी अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। लाडनूं में नगर पालिका के तत्वावधान में गणगौर का विशाल बोलावणी मेला इस बार 22 मार्च को राहूकुआं पर होगा, जिसमें बस स्टेंड स्थित राहू कुआं से लेकर राहूगेट तक का समूचा क्षेत्र मेला-स्थल रहेगा। मेले की तैयारियों को लेकर यहां चारभुजा मंदिर में एक बैठक का आयोजन किया गया। श्री चारभूजा चौक में तीज पर होने वाले गणगौर के मेले की तैयारी के सम्बन्ध में यह बैठक राजेश कुमार भोजक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में श्री चारभुजा मन्दिर पुजारी पंचायत के मंत्री रमेश कुमार भोजक ने अब तक की मेला सम्बन्धी की गई तैयारियों की जानकारी दी।
बोलावणी मेले के बाद होगा गौरड़ी नृत्य
एडवोकेट नरेन्द्र भोजक ने बताया कि गणगौर की सवारी 21 व 22 मार्च को शाम 4:30 बजे श्री चारभुजा मन्दिर से निकाली जाएगी तथा 6:30 बजे तक चौक में विराजमान रहने के बाद गोपालजी मन्दिर व चारभुजा मन्दिर की परिक्रमा करते हुए दधिमति माताजी के मन्दिर के सामने से होते हुए पुजारी निवास की मैढ़ी चबूतरी पर विराजित की जाएगी और रात्रि 8 बजे वापस मन्दिर पहुंचेगी। गणगौर का बोलावणी मेला 22 मार्च को बस स्टेण्ड पर भरा जाएगा। इससे पूर्व दो दिन गणगौर की सवारी विराजित होगी और सेवक चौक में भी छोटा मेला रहेगा। 22 मार्च को बोलावणी मेला समापन के बाद ‘गौरड़ी नृत्य’ का विशेष आयोजन किया जाएगा।
सभी कार्यकर्ता सफेद कुर्ता-पायजामा व केसरिया साफे में रहेंगे
गणगौर की सवारी निकाले जाने और मेले के दौरान सभी कार्यकर्ता सफेद कुर्ता पजामा व केसरिया साफा के वेश में रहेंगे। मेले में गणगौर पूजन करने वाली महिलाओं की सुरक्षा तथा पूजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इस पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही गर्मी को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त शीतल जल की व्यवस्था की जाएगी व मेले में आवारा पशुओं का प्रवेश न हो इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। इस बैठक में दानमल भोजक, कुन्दन मल भोजक, हेमराज भोजक, नरेश भोजक, मनीष भोजक, पार्थ भोजक, योगेश भोजक, जयंत भोजक, जितेन्द्र भोजक, यशवंत भोजक, राम भोजक, उमाशंकर भोजक आदि उपस्थित रहे।






