तीन दिनों में पुलिस करेगी सरफराज हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरबाज को गिरफ्तार, अब तक 4 जनों को किया डिटेन,
मृतक का शव तीसरे दिन सौंपा परिजनों को, आश्वासन के बाद हटाया धरना, गुरुवार रात को चाकू मारकर की थी सरफराज की हत्या



लाडनूं (kalamkala.in)। सुजला तिराहे पर चाकुओं से गोद कर एक युवक सरफराज तेली (22) की हत्या के मामले में दो दिनों से यहां अस्पताल परिसर स्थित मोर्चरी के समक्ष चल रहा धरना शनिवार को पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद हटा दिया गया। पुलिस ने धरनार्थियों को भरोसा दिलाया कि आगामी तीन दिनों के भीतर इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरबाज को की गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद धरना हटाने का निर्णय लिया गया और मृतक के शव को परिजनों के सुपुर्द किया जा सका। इस हत्याकांड में पुलिस ने अब तक चार जनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और मामले की जांच गहनता से की जा रही है।
गुरुवार को चाकू मारकर की गई थी सरफराज की हत्या
सरफराज की हत्या गुरुवार को रात्रि में उस समय कर दी गई थी, जब वह जसवंतगढ़ में एक दावत से वापस लौट रहा था। सुजला तिराहे पर चार-पांच युवकों ने उसकी स्कूटी के आगे बाइक लगा कर उसे रोका और अरबाज ने उसे चाकू घोंप कर मार डाला। हत्या के बाद उसे वहीं छोड़ हत्यारे भाग गए। सूचना मिलने पर पुलिस और टीम हारे का सहारा से संयोजक श्याम स्वर्णकार वहां पहुंचे और शव को लाडनूं अस्पताल पहुंचाया। घटनास्थल को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। पुलिस को मौके पर शव के पास एक चाकू भी मिला। लाडनूं के राजकीय चिकित्सालय में परिजनों और तेली समाज सहित अन्य लोगों ने धरना देकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया था। घटना के दो दिन बाद भी मुख्य आरोपी अरबाज की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में भारी रोष रहा और धरना जारी रखा। इसी कारण परिजनों ने भी शव लेने से इनकार कर दिया था। उनका मोर्चरी के बाहर धरना चलता रहा। शनिवार को समझाइश के बाद धरना हटाया गया और शव को प्राप्त किया गया।
सीओ सहित पुलिस अधिकारियों ने की समझाइश
मामले की गंभीरता को देखते हुए लाडनूं सीओ जितेंद्र सिंह, सीआई शंभू दयाल, जसवंतगढ़ सीआई राजेश कुमार धरना-स्थल पर पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। पुलिस अधिकारियों ने मुख्य आरोपी को तीन दिनों के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद समाज के लोगों ने सहमति जताते हुए धरना समाप्त कर दिया। पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इससे पहले शुक्रवार शाम को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मृतक के शरीर पर तीन गहरे चाकू के घाव एक सीने पर और दो पेट पर पाए गए। पुलिस ने बताया कि हमलावर घटनास्थल पर खून से सना चाकू छोड़कर फरार हो गए थे, जिसे बरामद कर लिया गया है। मामले की जांच में जसवंतगढ़ व लाडनूं पुलिस की अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं, जबकि डिप्टी स्तर के अधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
समाज में मतभेद उभरे, अस्पताल परिसर में हुई नोंकझोंक
धरना समाप्त होने के बाद भी समाज के भीतर मतभेद सामने आए। एक पक्ष पुलिस आश्वासन से संतुष्ट नजर आया, जबकि दूसरे पक्ष ने नाराजगी जताई। कुछ परिजनों का आरोप है कि उनसे बिना पूरी सहमति लिए अन्य लोगों के माध्यम से दबाव बनाकर धरना खत्म कराया गया। साथ ही लिखित आश्वासन नहीं मिलने को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया गया। इसको लेकर अस्पताल परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली।






