तप से भव भव के कर्म क्षय होते हैं- साध्वी प्रबलयशा
लाडनूं। स्थानीय पहली पट्टी स्थित ऋषभ द्वार भवन में स्व. मोतीलाल-निर्मला मोदी की पौत्री एवं ललित-हेमा मोदी की पुत्री की 21 दिनों की तपस्या के अनुमोदन का कार्यक्रम सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी प्रबलयशा के सानिध्य में रखा गया। तप अभिनंदन की शुरुआत तेरापंथ महिला मंडल की बहनों के मंगलाचरण से हुई। साध्वी सुयश प्रभा ने गीतिका के माध्यम से तप की महिमा बताई। तेरापंथी सभा के मंत्री महेंद्र बाफना व महिला मंडल की मंत्री नीता नाहर ने अपने भावों की अभिव्यक्ति से तप की अनुमोदना की व अभिनंदन पत्र का वाचन कर अपनी टीम के साथ तपस्वी का अभिनन्दन किया। युवक परिषद द्वारा तपस्वी बहन का तप अभिनंदन किया गया। उपासिका डॉ. सुशीला बाफना, पूर्व अध्यक्ष सुनीता बैद, तेरापंथी सभा के कार्य समिति सदस्य राजेंद्र खटेड, सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार चौरडिया, सुरेश मोदी, लक्ष्मीपति बैंगनी, कोलकाता से महासभा के उपाध्यक्ष तेजकरण बोथरा, अणुव्रत समिति लाडनूं की उपाध्यक्ष रेणु कोचर ने तप अनुमोदना में अपने भाव व्यक्त किए। सूरत, मुंबई व लाडनू से परिवारिक जनों ने गीतिका के द्वारा अपने भावों की अभिव्यक्ति कर अपनी लाडली निष्ठा की तप की अनुमोदना की। हाकम साध्वी प्रबलयशा ने फरमाया कि तप से भव भव के कर्म क्षय होते हैं। तब अनुमोदन के कार्यक्रम का संयोजन महिला मंडल की उप मंत्री राज कोचर ने किया। कार्यक्रम में बहुत अच्छी संख्या में श्रावक समाज उपस्थित रहा।







