भारत सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल को हैक कर करोड़ों की ठगी करने वाली अन्तर्राज्यीय गैंग का खुलासा,
पुलिस टीम ने वेश बदल खानाबदोश बन कर बांग्लादेश बोर्डर पर घूमते हुए तीन आरोपियों को दबोचा, प्रभावी कार्रवाई – शानदार सफलता,
मुख्य आरोपी के ठिकानों से भारी मात्रा में फर्जी मोहरें, विभिन्न कंपनियों के फर्जी सिम कार्ड, शिक्षण संस्थानों की फर्जी रसीदें, क्लोन अंगूठा निशान, मोबाइल पेमेंट टर्मिनल मशीन, फिंगरप्रिंट मशीन, कैमरे एवं लैपटॉप चार्जर आदि बरामद, गिरफ्तार आरोपियों से मल्टी सिम वाला मोबाइल बरायद
डीडवाना (kalamkala.in)। पुलिस ने भारत सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) को हैक कर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए गैंग के तीन सदस्यों जुबेर आलम, मंसूर आलम एवं एम.डी. मुन्ना मुस्तक को पश्चिम बंगाल से पकड़ा है। इस तफ्तीश व कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों ने वेश बदल कर तथा बॉर्डर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के बीच रहकर आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। इन्होंने खानाबदोश की तरह बांग्लादेश बोर्डर के पास घूमते-फिरते हुए गैंग तक पहुंच कर तीनों आरोपियों को दबोचा है। एनएसपी पोर्टल के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से बच्चों की छात्रवृति उठाने वाली गैंग के मुख्य सरगना इमरान उर्फ सारजू अली को नामजद किया गया और गैंग के तीन सदस्यों को बाग्लादेश बॉर्डर से सटे गांवों उतर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों से दस्तयाब कर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। आरोपियों के कब्जे से ग्रीन बैरी जी 5000 (Green Berry G5000) मल्टी-सिम मोबाइल (जिसमें एक साथ 4 सिम संचालित हो सकती है) भी बरामद किया गया। मुख्य आरोपी इमरान उर्फ सारजू अली के ठिकानों से भारी मात्रा में फर्जी मोहरें, विभिन्न कंपनियों के फर्जी सिम कार्ड, शिक्षण संस्थानों की फर्जी रसीदें, क्लोन अंगूठा निशान, मोबाइल पेमेंट टर्मिनल मशीन, फिंगरप्रिंट मशीन, कैमरे एवं लैपटॉप चार्जर आदि बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों द्वारा वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में केन्द्र सरकार के NSP पोर्टल के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करना स्वीकार किया गया है। गैंग के मुख्य सरगना इमरान उर्फ सारजू अली है, जो भारत के विभिन्न राज्यों में साइबर फ्रॉड की वारदातों को अंजाम दे रहा है। इनको पकड़ने के लिए पुलिस टीम के सदस्यों सहायक उप निरीक्षक शिवलाल, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, हैड कांस्टेबल प्रेमचंद व कांस्टेबल मनोज कुमार द्वारा वेश बदलकर, दिन-रात रैकी कर बांग्लादेश बॉर्डर पर खानाबदोश लोगों की तरह घूम-फिरकर आरोपियों का पता लगाकर गैंग तक पहुंचनें में कामयाबी हासिल की। इस प्रकरण में आरपीएस (प्रोबेशनर) श्रीमती गरिमा चौधरी के नेतृत्व में यह विशेष टीम गठित की गई थी, जिसके द्वारा पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने दर्ज करवाई थी घोटाले की रिपोर्ट
इस प्रकरण में 6 जून 2025 को जिला अल्पसंख्यक अधिकारी नागौर गोपालचन्द्र जांगीड़ ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि भारत सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एनएसपी (NSP) पोर्टल पर छात्रवृत्ति दी जाती है। रात्र 2021-22 एवं 2022-23 में जिले की कुछ शिक्षण संस्थानों, जिनकी सूची संलग्न है उनके DISE CODE के माध्यम से स्कूल के HOI (हेड ऑफ इंस्टिट्यूट) एवं NOI-Nodel of Institute, Applicant (आवेदक) संदेहास्पद पाए गए है, उन स्कूलो से किसी अज्ञात लोगों ने एनएसपी पोर्टल के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से छात्रवृति उठा ली, इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें। इस विवरण की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। कार्रवाई में केन्द्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृति को फर्जी तरीके से उठाने के मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जिला डीडवाना कुचामन द्वारा श्रीमती गरिमा चौधरी आरपीएस (प्रो.) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम के सदस्य शिवलाल सहायक उप निरीक्षक, सुरेश कुमार हैड कांस्टेबल प्रेमचंद हैड कांस्टेबल व मनोज कुमार कांस्टेबल द्वारा वेश बदलकर, दिन-रात रैकी कर बांग्लादेश बॉर्डर पर खानाबदोश लोगों की तरह घूम-फिरकर आरोपियों का पता लगाकर गैंग तक पहुंचनें में कामयाबी हासिल की। टीम द्वारा दिन रात एक कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए, कड़ी मेहनत से संदिग्ध खाता-धारकों की बैंकों से डिटेल प्राप्त कर, तकनीकी साधनों का इस्तेमाल कर एनएसपी पोर्टल के साथ छेड़छाड़ कर बच्चों की फर्जी तरीके से छात्रवृति उठाने वाली गैंग के मुख्य सरगना इमरान उर्फ सारजू अली को नामजद कर व गैंग के तीन सदस्यों को बाग्लादेश बॉर्डर से सटे गावों उतर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों से दस्तयाब कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 1. जुबेर आलम (31) पुत्र कासिम अली निवासी नया बाड़ी, थाना चौपड़ा, जिला उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल। 2. मसूर आलम (35) पुत्र मतीउर रहमान निवासी जतरागंज, थाना चौपड़ा, जिला उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल। और 3. एमडी मुन्ना मुस्तक (36) पुत्र हाजी रियाजुल हक, निवासी काटगाव, थाना चौपड़ा, जिला उतर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
इस विशेष पुलिस टीम को मिली सफलता
प्रकरण की सफलता में जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवराण के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीडवाना हिमांशु शर्मा एवं जेठ सिंह (आरपीएस) डीडवाना के सुपरविजन में वृताधिकारी डीडवाना श्रीमती गरिमा चौधरी आरपीएस (प्रो.) के नेतृत्व में पुलिस उप निरीक्षक डीडवाना रामेश्वरलाल, सहायक उप निरीक्षक छोटुराम, सहायक उप निरीक्षक शिवलाल, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, हैड कांस्टेबल मौलासर प्रेमचंद, हैड कांस्टेबल डीडवाना प्रहलाद सिंह भामू, कांस्टेबल मनोज कुमार, महेन्द्र कुमार, एसपी ओफिस के साइबर सेल के कांस्टेबल आत्माराम, साइबर थाना के कांस्टेबल ताराचंद, कुचामन पुलिस के कांस्टेबल बनवारी लाल और साइबर सेल डीडवाना के साइबर सेल के कांस्टेबल गोपाल राम शामिल थे। प्रकरण में आरोपियों को दस्तयाब करने में सहायक उप निरीक्षक शिवदयाल, हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार, हैड कांस्टेबल प्रेम चंद व कांस्टेबल मनोज कुमार का विशेष योगदान रहा है।






