मंगलपुरा के होनहार बेटे, सुयोग्य अधिकारी की अंतिम विदाई में छलके सभी ग्रामीणों के आंसू, नेताओं- अधिकारियों व क्षेत्र के लोगों की उमड़ी भीड़,
सड़क हादसे में मौत का शिकार बने आईएफएस अधिकारी विकास नायक का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार, दो बेटियों, सोनम और मोनिका ने दी मुखाग्नि




लाडनूं (kalamkala.in)। निकटवर्ती ग्राम मंगलपुरा के होनहार बेटे आईएफएस अधिकारी विकास नायक को गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इटावा में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे के शिकार बन कर मृत्यु को प्राप्त हुए विकास नायक का अंतिम संस्कार यहां उनके पैतृक गांव मंगलपुरा में किया गया। इस अवसर पर राजस्थान पुलिस के जवानों द्वारा उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान विधायक मुकेश भाकर, भाजपा नेता करणी सिंह, पुलिस उप अधीक्षक जितेंद्र सिंह चारण आदि और राजकीय अधिकारियों ने उनकी पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी।थानाधिकारी शिंभुदयाल मीणा सहित पुलिस के बहुत सारे जवान वहां पर मौजूद रहे।शिव सेना के प्रदेशाध्यक्ष समाजसेवी मंजीत पाल सिंह सांवराद ने डीएफओ विकास नायक के निधन पर गहरा दुःख जताते हुए अपनी शोक संवेदना व्यक्त की और परिवार के प्रति अपनी भावनाएं प्रकट की।
पत्नी व बेटियों ने दिया कंधा, बेटियों ने दी मुखाग्नि
इस विदाई में सबसे भावुक क्षण उस समय सामने आया, जब दिवंगत विकास नायक की पत्नी अंजु देवी और उनकी दोनों बेटियों सोनम व मोनिका ने उनकी अर्थी को अपना कंधा दिया और उन्हें अंतिम विदाई दी। इस समय वहां पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इसी प्रकार श्मशान घाट में उनकी चिता को मुखाग्नि उनकी दोनों बेटियों ने दी।गुरुवार सुबह विकास नायक के मंगलपुरा स्थित निज आवास से उनकी अंतिम यात्रा रवाना की गई और मंगलपुरा के श्मशान घाट पहुंची, जहां हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। विधायक मुकेश भाकर, भाजपा नेता करणीसिंह सहित विभिन्न गणमान्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा पुष्प-चक्र भेंट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि, वन विभाग एवं पुलिस अधिकारी और गणमान्य लोग शामिल हुए।
इटावा में थी पोस्टिंग, एक्सप्रेस हाइवे पर हुई दुर्घटना
दिवंगत विकास नायक उत्तर प्रदेश के इटावा में प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पद पर कार्यरत थे। विकास नायक 29 सितंबर को जब राजकीय कार्य के लिए कार द्वारा सड़क मार्ग से जा रहे थे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में विकास नायक और उनके चालक देवांश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान दोनों का निधन हो गया। लाडनूं के मंगलपुरा निवासी विकास नायक ने भारतीय वन सेवा अधिकारी के रूप में पर्यावरण एवं वानिकी क्षेत्र में अपनी सेवाएं दी थी। उनके निधन से क्षेत्र के लोगों शोक की लहर है।



