मेड़तियान सिलावट समाज के 33 जोड़े एक साथ बंधे विवाह-बंधन में, जीवन में समाज के महत्व की मिली सीख,
बीदासर में चौथा सामुहिक विवाह सम्मेलन संपन्न, सादगी पूर्वक, फिजूखर्च मुक्त और सामाजिक एकता के उन्नायक सम्मेलन को सभी ने सराहा

लाडनूं (kalamkala.in)। मेड़तियान सिलावट समाज संस्थान बीदासर के तत्वावधान में चौथे सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन बीदासर स्थित मेड़तियान सिलावट समाज भवन में रविवार को सादगी और भाईचारे के साथ आयोजित किया गया। विवाह सम्मेलन मोहम्मद सलीम बल्खी की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल उपस्थित रहे। इस सामुहिक विवाह सम्मेलन में लाडनूं, बीदासर, बासनी, श्री डूंगरगढ़, बीकानेर एवं आसपास के क्षेत्रों के 33 जोड़ों का निकाह सम्पन्न हुए। निकाह की सम्पूर्ण प्रक्रिया सम्पन्न करवाने में मुफ्ती मोहम्मद मूसा, मौलाना अरशद, शोयब सोलंकी, इमाम मोहम्मद मुस्लिम, मोहम्मद शरीफ, हाफिज यूनुस, मुफ्ती मूसा, मौलाना फ़जलुदीन, हाफिज मुश्ताक, हाफिज आमीन, कारी अमीरुद्दीन हाफिज रमजान शामिल रहे और समस्त रस्में पूरी करवाई। इन सबने सभी नवदंपतियों के खुशहाल दांपत्य जीवन की दुआ की।
मितव्ययिता और भाईचारा को बढावा देते हैं सामुहिक विवाह
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने कहा कि सिलावट समाज पिछले कई वर्षों से लगातार सामूहिक विवाह का आयोजन कर रहा है, जो बेहद सराहनीय है। विवाह में होने वाले आडंबर और फिजूलखर्ची के कारण कई बार गरीब परिवार जीवनभर कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। ऐसे सामूहिक विवाह सम्मेलनों से नाममात्र के खर्च में शादियां संपन्न होती हैं और साथ ही समाज के सभी लोग एक जाजम पर एकत्र होते हैं, जिससे आपसी भाईचारा, अपनापन और सामाजिक एकता मजबूत होती है। सामूहिक विवाह सम्मेलन का संदेश हर समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं । सरकार भी ऐसे सम्मेलनों को कराने में सहायता देती हैं।
शादियां सादगी से करें, नई पीढी को उच्च शिक्षा दिलाएं
सम्मेलन में मुफ्ती मोहम्मद मूसा ने अपने सम्बोधन में फिजूलखर्ची रोकने, सामाजिक कुरीतियों को मिटाने और नई पीढ़ी को उच्च शिक्षा से जोड़ने व शादियों को सादगी से करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलनों से आपसी भाईचारा बढ़ता है और सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मेड़तिया सिलावट समाज के सदर मोहम्मद सलीम बल्खी, उनकी टीम मिल कर राजस्थान के मेड़तियान सिलावट समाज में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष ने इस प्रकार के सम्मेलन को एकता की जिन्दा मिशाल बताया। डॉ. लियाकत अली ने कहा कि नबी ने कहा था कि शादियां सादगी से करो, फ़िज़ूल खर्च से बचो। लोग एक रात में शादी में इतना खर्च कर देते हैं कि जीते-जी कर्ज का बोझ नहीं उतरता। अमीर हसन ने कहा कि सम्मेलन में बहुत कम खर्च में शादी हो जाती हैं। और कहीं भी इतना बड़ा मजमा देखने को नहीं मिलता। सामाजिक कुरीतियों के बारे में प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हमें अल्लाह व अल्लाह के रसूल के बताए अनुसार जिंदगी बितानी चाहिए। रफीक मुगल ने सभी लोगों के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए सम्मेलन की सफ़लता में सबका सामुहिक योगदान बताया। सम्मेलन के दौरान जेठाराम, इमरान आदि वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
400 कार्यकर्ताओं ने संभाली सम्मेलन की समस्त व्यवस्थाएं
चौथे सामुहिक विवाह सम्मेलन के लिए चार सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने खाना, पानी, लाईट सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को संभालते हुए सफल बनाने में भूमिका निभाई। कार्यक्रम का आग़ाज़ तिलावते कुरआन से कारी मुस्ताक बागोट ने किया। अंत में अध्यक्ष सलीम बल्खी ने आए हुए सभी लोगों सहित पूरे समाज के लोगों के प्रति सम्मेलन को सफल बनाने के लिए आभार जताया। सम्मेलन के दौरान सभी कार्यक्रमों का संचालन रिजवान बागोट ने किया। इस अवसर पर संस्थान सचिव अब्दुल वाहिद मुगल, उपाध्यक्ष रहीम बक्स सोलंकी, कोषाध्यक्ष सलीम भुट्टा, गुलाम रसूल सोलंकी, डॉ. लियाकत अली बल्खी, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष जेठाराम यादव, पालिका उपाध्यक्ष मन्नालाल नाई, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनिवास माली, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष जयप्रकाश बैगानी, मेराज उल हसन छींपा, जवाहर सिंह राठौड़, शहर काजी हाफिज मोहम्मद सरीफ, मौलाना फजलुदीन बागोट, पार्षद शिवरतन दर्जी, लियाकत लीलघर, धर्मेंद्र सिंह, गिरधारी लाल महला, गोपाला गुर्जर, हाजी बिलाल भुट्टा, मोहम्मद जान मुगल, हाजी सादिक सोलंकी, गुलामरसूल बल्खी, मोहम्मद रफीक मुगल, अमीर हसन टेलर, गफूर हंसोरिया, युनूस खिलजी, अब्दुल हमीद भुट्टा, रफीक भुट्टा, निवाज भुट्टा, मौलाना फजलुदीन, एडवोकेट वसीम कानूनिया, जुबैर बल्खी, गुलजार सोलंकी, मोहम्मद अली बागोट, आरीफ सोलंकी, अकरम बल्खी, यासीन भुट्टा, खलील बागोट, जावेद भुट्टा, युसूफ भुट्टा, प्यार मोहम्मद सोलंकी, इस्माइल सोलंकी, युसूफ बल्खी, मनवर मुगल, सदाम बल्खी, अबू बकर बल्खी, मास्टर मोहम्मद बिलाल आदि के साथ समाज के हजारों लोगों ने शिरकत कर नवविवाहित दुल्हन-दुल्हा को आशीर्वाद प्रदान किया।


