लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय के शोधार्थी मोहित जैन को मिला राष्ट्रीय प्राच्यविद्या सम्मेलन में ‘बेस्ट रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन अवार्ड’
लाडनूं। पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार में आयोजित ‘52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन में जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय लाडनूं के प्राकृत एवं संस्कृत विभाग के शोधार्थी मोहित जैन को बेस्ट रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन अवार्ड के रूप में ‘डीके जैन ओरियंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट प्राइज’ से सम्माानित किया गया है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह पुरस्कार पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं विश्वविख्यात योगगुरु स्वामी रामदेव तथा सम्मेलन के अध्यक्ष एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य श्रीनिवास वरखेड़ी ने प्रदान किया। मोहित जैन यहां जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में भारतीय दर्शन, जैन दर्शन, संस्कृत, प्राकृत साहित्य एवं पांडुलिपि विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर शोध एवं अकादमिक कार्य कर रहे हैं। इस 52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विद्वानों, शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की। सम्मेलन में प्राकृत एवं जैन अध्ययन विभाग में आयोजित शोधपत्र सत्र में मोहित जैन ने अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया, जिसे उनके शोधकार्य एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के आधार पर उनका चयन सम्मान केे लिए किया गया। इससे जैन विद्या, प्राकृत भाषा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में शोध एवं अकादमिक गतिविधियों के लिए समर्पित जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक एवं शोधपरंपरा, जैन दर्शन, प्राकृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुई है। मोहित जैन की उपलब्धि पर जैन विश्वभारती संस्थान के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने मोहित को उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं दीं हैं। इसी तरह सभी शिक्षकों, विभागीय सदस्यों, शोधार्थियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।



