वेदों की आज्ञाओं के नुसार होना चाहिए जीवन, समाज व राष्ट्र का निर्माण- डॉ. यायावर,
आर्य समाज लाडनूं में दीपावली पर महर्षि दयानंद निर्वाण दिवस कार्यक्रम एवं यज्ञ का आयोजन


लाडनूं (kalamkala.in)। आर्य समाज मंदिर लाडनूं में दीपावली व महर्षि दयानंद निर्वाण दिवस पर विशिष्ट यज्ञ एवं कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यज्ञ के पुरोहित आर्य समाज के प्रधान डॉ. जगदीश यायावर सैनी ने नवसस्येष्टि पर्व पर प्रकाश डाला और महर्षि दयानंद के जीवन, कार्य व सिद्धांतों की जानकारी देते हुए उनकी भावनाओं के अनुरूप वेदों के आदेशानुसार जीवन, समाज व राष्ट्र का निर्माण करने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. यायावर ने कहा कि आर्य समाज की स्थापना करके उन्होंने अपने विचारों और वैदिक सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक व्यक्ति मात्र के लिए अवसर प्रदान किया है। हमें इसके लिए सदैव प्रयत्नशील रहना चाहिए। आर्य समाज के संरक्षक मुनिश्री ओमदास ने दीपावली पर सबको आर्य सिद्धांतों को अपनाने और उनको अपने आचरण में उतारे जाने की जरूरत बताई तथा कहा कि नियमित यज्ञ करने से व्यक्ति का जीवन का ही नहीं सम्पूर्ण पर्यावरण व सृष्टि का उद्धार होता है। इस अवसर पर भंवरदास स्वामी व बाबूलाल टाक ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में यजमान के रूप में प्रीत आर्य, सुरेन्द्र प्रताप आर्य आदि उपस्थित रहे।



