पलट गया अपहरण व सामुहिक दुष्कर्म का संगीन मामला, युवती रह रही थी लिव इन रिलेशनशिप में, जमीन को लेकर सारा षड्यंत्र रचा जाने का संदेह,
पीड़िता युवती ने शपथ पत्र देकर बताया अपना पूरा मुकदमा ही झूठा, पुलिस अधिकारियों के समक्ष हाजिर भी हुई युवती, अपने पिता सहित पांच लोगों पर लगाए डराने-धमकाने, मारपीट करने एवं अपनी पुरानी रंजिश निकालने के लिए वकील की मदद से लोगों को झूठा मामला बनाने का आरोप
लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं तहसील के एक गांव के मामले में ‘बूमरैंग’ की तरह के हालात बन गए है। बूमरैंग एक ऐसा हथियार होता है, जो फेंकने वाले के पास वापस लौट आता है। इसी तरह का रोचक मोड़ लिया है निम्बी जोधां में दर्ज एक मामले ने, जिसमें एक युवती से उसके पिता ने 7 जनों के खिलाफ अपहरण व सामुहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया और अब युवती द्वारा अपने बयान पलट कर उलटा अपने पिता व उसके साथियों को दोषी ठहरा दिया गया है। श्मेरे साथ कभी किसी ने कोई गलत हरकत अथवा बलात्कार नहीं किया। मैं अपनी स्वेच्छा से महेन्द्र धोजक के घर मंगरासर रहना चाहती हूं तथा मैं अपने प्रकरण में कोई कार्यवाही आरोपीगण के विरूद्ध नही चाहती हूं, क्योंकि यह प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 107/2025 पुलिस थाना निम्बी जोधां पर मैने अपने पिता के भय एवं डर से दबाव में आकर उनके द्वारा वकील साहब से लिखवाई गई रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कर दिए थे।’ ये पंक्तियां निम्बी जोधां पुलिस थाने में दर्ज अपहरण एवं सामुहिक दुष्कर्म की एफआईआर देने वाली युवती ने पुलिस को वापस शपथ पत्र देकर अपनी रिपोर्ट के झूठी होने और दबाव में आकर देने लिखने से खारिज करने की अपील की है। उसने एफआईआर में बताए सभी 7 आरोपियों को निर्दोष बताते हुए उल्टा अपने पिता पर दोषारोपण किया है। कथित रूप से पीड़िता परिवादिनी का कहना है कि उसके पिता ने पैसों के लालच मेें आकर कुछ लोगों के कहने से उसे डरा-धमका कर एवं मारपीट करके उससे गलत मुकदमा दर्ज करवाया, जबकि उन लोगों का कोई दोष नहीं है। वह अपनी मर्जी से ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में रह रही है। इस युवती ने डीडवाना में एडिशनल एसपी के समक्ष पेश होकर राजीनामा करने और मुकदमा नहीं चाहने की बात रखी। डीडवाना में पत्रकारों के समक्ष उसने अपने बयान भी रिकाॅर्ड करवाए और बताया कि उसके पापा ने उसे डरा कर उससे इन सभी आरोपियों के खिलाफ झूठा मुकदमा करवाया था। उसने यह भी बताया कि वह महेन्द्र धोजक के साथ रह रही थी, वहां उसके पापा आए और कहा उसकी शादी इसके साथ ही करवा देंगे। इस तरह धोखे से उसे लेकर आ गए और मारपीट करके झूठे आरोपों का मुकदमा 7 जनों के खिलाफ करवा दिया। उसके पिता ने अपने पुराने रंजिश वाले लोगों को इस मामले में झूठा फंसाया है। वह इस मामले में अपने पिता के साथ चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाना चाहती हैं।
क्या खेत के विवाद से शुरू किया गया सारा षड्यंत्र?
पुराने जमाने में कहावत थी कि झगड़े की जड़ ‘जर, जोरू व जमीन’ होती है और यहां जमीन के लिए जोरू को बीच में लेकर सारा झगड़ा पैदा किए जाने के संकेत प्राप्त हो रहे हैं। जानकारी मिली है कि इस पूरे प्रकरण की जड़ में ग्राम हुडास का एक खेत है, जिसे लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद चल रहा है। पहले दर्ज एफआईआर में भी हुडास के खेत का जिक्र किया गया है। इस मामले की एफआईआर सं. 107/2025 में आया है, ‘तुम मेरी अवैध पत्नी बन जाओ, तो मैं तुझे हुडास में एक प्लाॅट दे दूंगा।’ यह वाक्य निरर्थक नहीं है। इस मामले की जड़ में यही जमीन बताई जा रही है। इसे लेकर ही कहा जा रहा है कि कुछ लोगों ने समूह बनाकर षड्यंत्र रच कर इस युवती की आड़ मे पुलिस प्रकरण आदि का कुचक्र चलाया गया। ऐसा लगता है कि यह लफड़ा जल्दी से सलटने वाला भी नहीं है। बताया जाता है कि इस किसी की खरीदसुदा जमीन का आपस में बटवारा किए बिना ही प्लाॅट काट कर बेचे जाने को लेकर विवाद पैदा हुआ। इसमें इस मामले में बटवारा और निषेधाज्ञा के लिए सहायक जिला कलेक्टर लाडनूं की अदालत में 8 सितम्बर को वाद प्रस्तुत किया जाने के बाद 16 सितम्बर को इस युवती के अपहरण व सामुहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई, जिसमें इसी जमीन के प्रकरण व जुड़े हुए सभी 7 लोगों को मुलजिम बना दिया गया। संगीन मुकदमे को अगर इस तरह से दबाव बनाने का माध्यम बनाया गया है, तो इससे बड़ी ब्लेकमेलिंग तो कोई हो ही नहीं सकती।
युवती महेन्द्र धोजक के साथ स्वेच्छा से है ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में
पीड़िता परिवादिनी द्वारा दिए गए शपथ पत्र में उसने शपथपूर्वक बयान किए हैं कि उसके द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 107/2025 पुलिस थाना निम्बी जोधां में अपराध अन्तर्गत धारा 64 (1), 70 (2). 308 (2), 137 (2), 127 (2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 5जी, 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (संशोधित) 2012, 2019 में दर्ज करवाई गई थी। उसने लिखा है कि उसके पिता ने कई मर्तबा उसके साथ मारपीट की, जिसके बारे में उसने कंट्रोल रूम में सूचित भी किया तथा तत्कालीन निम्बी जोधां पुलिस चैकी के कर्मचारियों ने उनके मध्य राजीनामा करवा दिया था। तत्पश्चात् वह अपने पिता से परेशान होकर अपने पुरूष मित्र महेन्द्र धोजक (22) पुत्र दामोदर जाट निवासी मंगरासर तहसील सुजानगढ के साथ रहने लग गई तथा उसने इस सम्बंध में महेन्द्र के साथ ‘लिव इन रिलेशनशिप’ बाबत एक अनुबंध पत्र जोधपुर में निष्पादित करवाया था। साथ ही उसने और महेन्द्र धोजक ने राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के समक्ष प्रस्तुत होकर एक याचिका एकलपीठ फौजदारी रिट पीटिशन नम्बर 2074/2025 पेश की थी, जिसका निर्णय 15 जुलाई को हो चुका तथा उच्च न्यायालय द्वारा उसके परिवार से उसकी सुरक्षा करने के आदेश पारित किए गये थे।
पिता ने डरा-धमका, मारपीट कर करवाया झूठा मुकदमा दर्ज
युवती ने अपने शपथ पत्र में बताया है कि 11 सितम्बर को उसके पिता व भाई ने उसे विश्वास दिलाया कि वे महेन्द्र धोजक के साथ उसका विधिवत् विवाह करवा देंगे। इसका विश्वास करके वह अपने घर लौट आई। वहां फिर उसके पिता द्वारा मारपीट की गई तथा उसे महेन्द्र धोजक व अन्य के खिलाफ झूठा मुकदमा करवाने के लिये मजबूर कर दिया तथा उसे जान से मारने की धमकी दी गई, तो वह डर गई। उसके पिता ने वकील से सलाह-मशविरा कर एक झूठी रिपोर्ट उसे बहला कर साथ ले जाने एवं उसके साथ बलात्कार करने, बंधक बनाने आदि की लम्बी-चैड़ी झूठी रिपोर्ट 7 जनों के खिलाफ लिखवाई एवं उसके हस्ताक्षर करवाकर 16 सितम्बर को पुलिस थाना निम्बी जोधां पर दर्ज करवाई। उसने आरोप लगाया कि अनुसंधान के दौरान उसका पिता उसे डराता रहा। इसी तरह उसके पिता ने उसके झूठे बयान भी दिलवाये तथा न्यायालय में जब धारा 183 बीएनएसएस में बयान हुए, तब भी उसका पिता न्यायालय में उपस्थित रहा। उन बयानों पर उसके साथ उसके पिता के भी हस्ताक्षर हैं।
उसके पिता और चार अन्य लोग उसे मारना चाहते हैं
उसने शपथ पूर्वक कहा है कि उसके साथ कभी किसी ने कोई गलत हरकत अथवा बलात्कार नहीं किया। वह अपनी स्वेच्छा से महेन्द्र धोजक के घर मंगरासर रहना चाहती है तथा इस प्रकरण में कोई कार्यवाही आरोपीगण के विरूद्ध नहीं चाहती है, क्योंकि यह प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 107/2025 पुलिस थाना निम्बी जोधां पर उसनेे अपने पिता के भय एवं डर से दबाव में आकर उनके द्वारा वकील से लिखवाई गई रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कर दिये थे। इस शपथ पत्र के अलावा इस युवती ने एक पत्र और पुलिस को सौंपा, जिसमें उसने बताया है कि वह अपनी इच्छा से मगरासर आई है और वहीं रहना चाहती है। उससे जबरदस्ती मुकदमा करवाया गया था। अब वह अपने गांव से वापस आ गई है। उस मुकदमें में उसे अब इन सब पर कोई कारवाई नहीं करनी है। वह अपनी इच्छा से इस मामले में राजीनामा करना चाहती है। इस पत्र में उसने उलटा अपने पिता एवं चार अन्य लोगों के खिलाफ उसे मारना चाहने का आरोप लगाया है और बताया है कि इन सब ने उसेे धमकी दी है कि अगर उसने मुकदमा वापस लिया तो वे उसे मार देंगे। अब वह इन सब लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहती है।





