आचार्यश्री महाश्रमण का अपनी धवल सेना के साथ लाडनूं में मंगल प्रवेश 5 फरवरी को,
लाडनूं में उनका प्रथम प्रवास रहेगा ‘भाग्य श्री’ भवन में, बरड़िया परिवार पर गुरुदेव की विशेष कृपा

लाडनूं (kalamkala.in)। तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें आचार्य, युगप्रधान संत आचार्यश्री महाश्रमण का लाडनूं में मंगल प्रवेश आगामी 5 फरवरी 2026 को होगा। लाडनूं प्रवेश के बाद आचार्यश्री महाश्रमण का प्रथम प्रवास यहां राहूगेट के भीतर स्थित भागचंद-प्रवीण बरड़िया के शिविर ‘भाग्यश्री’ बंगला में रहेगा। साथ ही उनका रात्रि प्रवास शैयातर लाभ भी ‘भाग्यश्री’ को प्राप्त होगा। उनके इस प्रवास के दौरान राजस्थान पत्रिका के समूह सम्पादक डॉ. गुलाबचंद कोठारी भी उपस्थित रहेंगे। लाडनूं से आचार्यश्री महाश्रमण के दर्शनार्थ गए प्रतिनिधि मंडल को उन्होंने यह फ़रमाया। उनके इस फरमान के लिए लाडनूं से उनके प्रवास स्थल पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में जैन विश्व भारती के संरक्षक भागचंद बरड़िया, जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़, परिसर संयोजक धरमचंद लूंकड़ व संचालिका समिति सदस्य राजेन्द्र खटेड़ ने पूज्यप्रवर के प्रति कृतज्ञता के भाव अभिव्यक्त किया। लाडनूं को तेरापंथ धर्मसंघ की राजधानी घोषित किया हुआ है तथा 19 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले योगक्षेम वर्ष के रूप में पूरा एक वर्ष पर्यन्त तक आचार्यश्री महाश्रमण का प्रवास काल लाडनूं में ही होना तय है। इससे उनका लाडनूं में मंगल प्रवेश विशेष धूम-धड़ाके के साथ होना है और इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि आचार्य श्री महाश्रमण अहमदाबाद से लगातार पदयात्रा करते हुए लाडनूं की तरफ गमन कर रहे हैं। उनके साथ उनकी साधु-संतों की धवल सेना और बड़ी संख्या में श्रावकवर्ग भी यात्रा में जगह-जगह साथ निभा रहे हैं।







