लाडनूं पुलिस ने किया लकी डिफेंस एकेडमी में सायबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक, जिले भर में आयोजित हुए सायबर जागरूकता कार्यक्रम

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लाडनूं पुलिस ने किया लकी डिफेंस एकेडमी में सायबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक,

जिले भर में आयोजित हुए सायबर जागरूकता कार्यक्रम

लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान पुलिस द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को मनाए जाने वाले साइबर जागरूकता दिवस पर पुलिस वृत लाडनूं में बुधवार को कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती ऋचा तोमर के निर्देशन में ‘साइबर जागरूकता दिवस’ पर जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में जिले के समस्त थानों द्वारा विभिन्न स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैण्ड आदि जगहों पर साइबर अपराध से बचाव व उपाय के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गये। इनके द्वारा छात्रों, युवाओं, आमजन, महिलाओं को साइबर अपराधों और उनसे बचाव के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पोर्टल सीईआईआर, सायबर पोर्टल/1930 आदि के बारे में जानकारी दी गई।

लाडनूं में सीआई शिम्भुदयाल मीणा ने किया लोगों को जागरूक

इसके तहत बुधवार को पुलिस थाना लाडनूं के तत्वावधान में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन लकी डिफेंस एकेडमी लाडनूं में किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में लाडनूं पुलिस थाना के थानाधिकारी शिंभुदयाल मीणा ने 80 से अधिक अध्यापकों और छात्र प्रशिक्षणार्थियों को सायबर अपराध से बचाव करने के तरीके व सावधानियां बताई। उन्होंने साइबर अपराध के नवीन प्रकारों की जानकारी देते हुए साइबर बुलिंग के बारे में बताया कि डिजिटल माध्यमों से किसी व्यक्ति को धमकाने, डराने, अपमानित करने या परेशान करने का यह एक तरीका है। यह सोशल मीडिया, चैट एप्स, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, ईमेल, या अन्य इंटरनेट साधनों के जरिए हो सकता है। साइबर बुलिंग का उद्देश्य किसी व्यक्ति को मानसिक तनाव देना, उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना, या उन्हें अलग-थलग महसूस कराना हो सकता है। सायबर अपराध के डेटा ब्रीच (Data Breach) में किसी संगठन या व्यक्ति की निजी जानकारी का अवैध रूप से लीक करना होता है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन गेमिग भी सायबर अपराध है। ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री बढ़ने के साथ ही इससे जुड़े फ्रॉड भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके जाल में बच्चों को फंसाकर साइबर क्रिमिनल ऑनलाइन गेमिंग के जरिए पहचान और क्रेडिट व डेबिट कार्ड की डिटेल चुराने के अलावा साइबर बुलिंग और ब्लैकमेलिंग तक कर सकते हैं। डीपफेक (Deepfake): एआई तकनीक का उपयोग कर व्यक्ति की छवि या आवाज से नकली सामग्री बनाई जा सकती है और उसका किसी भी तरह से दुरुपयोग संभव है। टेलीग्राम ऐप के माध्यम से स्कैम (Telegram Frauds) टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी फ्रॉड करने के तरीके में दावा किया जाता है कि बोर्ड परीक्षा से पहले सुबह उन्हें ओरिजिनल पेपर दे दिया जाएगा, इस तरह फर्जी पेपरों के बहाने भोले-भाले विद्यार्थी, किशोरों व लोगों को ठगने के मामले बढ़ रहे है। एवं साइबर ठग इन प्लेटफॉर्म पर वर्क फ्रॉम होम या इन्वेस्टमेंट व नौकरी के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। शुरुआत में छोटे-छोटे मुनाफे देकर पीड़ितों को फंसाया जाता है, फिर बाद में मोटी रकम की ठगी की जाती है। इसी तरह फर्जी लोन ऐप से भी ठगी की जाती है। फर्जी लोन ऐप्स ऐसी नकली मोबाइल एप्लिकेशन होती है, जो लोगों को तुरंत लोन/एजुकेशन लोन देने का वादा करते है, ये ऐप्स व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल्स और अन्य संवेदनशील डेटा चुराकर ठगी करते है। आजकल किराए पर बैंक अकाउंट लेकर सायबर अपराध करने के विविध तरीके भी इस्तेमाल में आने लगे हैं। इसमें इन दिनों साइबर ठग गरीब, बेरोजगार आमजन एवं विद्यार्थी व किशोरों को प्रलोभन एवं लालच देकर उनके बैंक अकाउंट को किराए पर लेकर साइबर अपराध के लिए उपयोग में ले रहे है। सीजन क्राईम (रियल टाइम स्कैम अलर्ट) जैसे होली, दीपावली, कुभ गेला, अन्य त्यौहारों पर ऑनलाईन शोपिंग के बहाने एवं क्रिकेट प्रतियोगिता आदि के अवसरों पर अधिक शिकार बनाते है। इस अवसर पर उन्होंने मोबाईल गुम होने पर बरती जाने वाली सावधानियां बताते हुए कहा कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर सर्वप्रथम राजस्थान पुलिस की वेबसाइट (police-rajasthan-gov-in) पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर CEIR पोर्टल www.ceir.gov.in पर block stolen में जाकर रिपोर्ट दर्ज करें। जब आप पोर्टल पर ये सभी जानकारी उपलब्ध करा देंगे, तो आपको मोबाइल ढूंढने से संबंधित अपडेट आपको SMS के माध्यम से मिलता रहेगा। साइबर फ्रॉड हो जायें तो बरती जाने वाली गतिविधियों के बारे में उन्होंने बताया कि यदि आप भूलवंश सायबर अपराध का शिकार हो जाते है तो सर्वप्रथम डेबिड या क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करें और संबंधित बैंक एवं नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। मोबाईल पर आपके बैंक से आने वाले मैसेज को इग्नोर ना करें, तत्काल बैंक से सम्पर्क करें। साइबर क्राइम से संबंधित किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्ट 1930 या cybercrime-gov-in पर करें। उन्होंने अपील की कि यदि आपके पास साइबर अपराधियों की सूचना हो अथवा साइबर अपराधियों ने आपके अकाउंट की डिटेल लेकर उसका दुरुपयोग किया है, तो घबराएं नहीं, तुरंत जिला साइबर हेल्पलाइन नंबर 8000372519 पर संपर्क करें। आपकी पहचान और दी गई सूचना को पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा।

कोयल में भी हुआ साइबर जागरूकता कार्यक्रम

लाडनूं के अलावा निम्बी जोधा पुलिस थाना के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोयल में सायबर जागरूकता कार्यक्रम बुधवार को आयोजित किया गया। इसमें सहायक पुलिस उप निरीक्षक रामदेव पुरी व कांस्टेबल हरिराम ने करीब सवा सौ सहभागियों को जागरूक करके उन्हें सायबर अपराध से बचने के उपाय बताए।

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Author: kalamkala

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