लाडनूं में चलेगा घर-घर में ‘अर्हंत वंदना’ करने का अभियान,
तेरापंथ महिला मंडल कर रहा है आचार्य श्री तुलसी के 100वें दीक्षा दिवस की तैयारियां

लाडनूं (kalamkala.in)। यहां पहली पट्टी स्थित ऋषभद्वार भवन में लाडनूं के तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में हाकम साध्वी श्री कार्तिकयशा के सान्निध्य में अनवरत शनिवार की सामायिक का आयोजन श्रद्धाभाव एवं उत्साह के साथ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ ‘तेरापंथ प्रबोध’ से हुआ, जिससे पूरा सभागार गुंजायमान हो उठा। तत्पश्चात ‘भिक्षु म्हारे प्राकट्य जी’, ‘जय तुलसी’ तथा ‘विघ्न हरण मंगल करण’ का जाप करवाया गया। आचार्य श्री तुलसी के 9 दिसंबर को होने वाले 100वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष में घर-घर अर्हंत वंदना करने का संकल्प लिया गया।अखिल भारतीय महिला मंडल के निर्देशानुसार लाडनूं महिला मंडल द्वारा भी जन-जन में अर्हंत वंदना की प्रेरणा दी जा रही है। सभी से शाम को अपने घर में अर्हंत वंदना करने का आग्रह किया गया। साध्वीश्री ने चतुर्थ आचार्य जयाचार्य के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अनेक प्रेरक प्रसंग बताए और बताया कि केवल 18 वर्ष की अल्प आयु में जयाचार्य श्री ने ‘पन्नवणा’ जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ के ‘थोकड़ों’ का राजस्थानी भाषा में अनुवाद करने का महान कार्य किया। कार्यक्रम में योग-क्षेम वर्ष के अध्यक्ष प्रमोद बैद, महामंत्री निर्मल कोटेचा, जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष प्रकाश बैद, मंत्री राकेश कोचर, महिला मंडल की बहनें, उपमंत्री एवं पार्षद रेणु कोचर, ज्ञानशाला व कन्या मंडल से मीनाक्षी दूगड़ तथा विभिन्न सभा संस्थाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविका समाज उपस्थित रहा।






