राज्य स्तरीय विज्ञान मेला सम्पन्न: पांच मॉडल और तीन टीचिंग एड का पश्चिम भारत विज्ञान मेले हेतु चयन,
लाडनूं के सारडी में कार्रयरत शिक्षक रशीद अहमद टीचिंग एड प्रतियोगिता में प्रथम रहे


शकील अहमद उस्मानी, जर्नलिस्ट। डीडवाना (kalamkala.in)। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग बीकानेर द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान मेला नवाचार और प्रतिभा का अनूठा संगम साबित हुआ। मेले में विद्यार्थियों की मॉडल प्रतियोगिता और शिक्षकों की टीचिंग एड प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें बीकानेर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर तथा अजमेर–जयपुर संभागों से 20 विद्यालयों की छात्र टीमों और 15 शिक्षकों ने भाग लिया।
मॉडल प्रतियोगिता एवं टीचिंग एड प्रतियोगिता के परिणाम
विभाग के अनुसंधान अधिकारी कमल कांत स्वामी ने बताया कि मॉडल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर आर्मी पब्लिक स्कूल कोटा रही। द्वितीय स्थान भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम जयपुर और तृतीय स्थान श्री आत्म वल्लभ जैन पब्लिक स्कूल श्रीगंगानगर ने प्राप्त किया। इसके अलावा महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल उदयपुर की दो टीमों ने चौथा और पांचवाँ स्थान हासिल कर पश्चिम भारत विज्ञान मेले की पात्रता प्राप्त की। विजेता टीमों को क्रमशः 4000, 2800 और 2000 रुपये के नगद पुरस्कार तथा 400-400 रुपये के दो सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। इसी प्रकार टीचिंग एड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रशीद अहमद, सारडी (लाडनूं) ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर शिप्रा भोजक महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल उदयपुर और तृतीय स्थान पर मानवेन्द्र सिंह राजपुरोहित आर्मी स्कूल बीकानेर रहे। टीचिंग एड प्रतियोगिता में 2000, 1200, 800 रुपये के पुरस्कार तथा 400 रुपये का सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक स्कूल बैग और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
राष्ट्रीय स्तर पर करेंगे राजस्थान का प्रतिनिधित्व
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से चयनित पांच मॉडल एवं तीन टीचिंग एड अब नेशनल लेवल पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। ये सभी प्रतिभागी 10 से 13 दिसंबर तक नेहरू विज्ञान केंद्र मुंबई में आयोजित होने वाले पश्चिम भारत विज्ञान मेले में भाग लेंगे।
निर्णायक मंडल और सुझाव
इस प्रतियोगिता में पॉलीटेक्निक कॉलेज के सहायक निदेशक वाई.बी. माथुर, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अजीतसिंह मान और आई.ए.एस.ई. की रीडर अरुणा बैंस ने निर्णायक की भूमिका निभाई तथा समापन सत्र में मॉडलों को और सुदृढ़ करने हेतु उपयोगी सुझाव भी साझा किए।






