बेमौसम बारिश व तूफान में फसलें नष्ट होने पर किसानों ने मुआवजा सहित विभिन्न क्षतिपूर्ति मांगों का ज्ञापन सौंपा
लाडनूं (kalamkala.in)। बेमौसम तूफानी वर्षात से सभी प्रकार की खरीफ की फसलें पूर्णतः नष्ट होने को लेकर क्षेत्र के किसानों ने यहां मुख्यमंत्री के नाम का एक ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी को सौंप कर अपनी बात सूत्री मांगों के हल की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि लाडनूं उपखण्ड क्षेत्र में 5 व 6 अक्टूबर को बिना मौसम के हुई अतिवृष्टि व तूफानी वर्षात से खरीफ की पकी हुई व कटी हुई फसलें (मूंग, मोठ, ग्वार, बाजरा, चंवला, तिल आदि) पूरी तरह से नष्ट हो गई है। अतः खराबे का तत्काल सही आकलन करवाया जाए। किसानों को आदान अनुदान के तहत मुआवजा दिया जाए।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित फसलों का क्लेम तत्काल दिया जाए तथा आज दिनांक तक पिछले वर्षों का बकाया क्लेम जो अभी तक बीमित किसानों को नहीं दिया गया है, वो भी तत्काल दिलवाया जावे। उपखण्ड क्षेत्र की सभी 34 ग्राम पंचायतों में खराबे का सर्वे करने के लिए संबंधित एजेन्सी, पटवारियों को निर्देशित किया जाए एवं तत्काल आकलन करवाया जाकर खराबे का मुआवजा दिलवाया जावे। किसानों को अतिवृष्टि से फसलें पूर्णतः बर्बाद हो जाने से आगामी रबी की फसल बुआई के लिए उचित दर पर बीज व खाद उपलब्ध करवाई जावे। अतिवृष्टि से फसलों के साथ ही चारा भी पूर्णतः नष्ट हो गया है। इसलिए किसानों को पशुओं के लिये चारे की व्यवस्था करवाई जावे। किसानों की फसलें पूर्णतः नष्ट हो जाने से कृषि संबंधी ऋण चुकता करने में असमर्थ हो जाने से कृषि संबंधी ऋण पूर्णतः माफ किया जावे। ज्ञापन में इस मांग पत्र को स्वीकार किया जाकर किसानों को अतिशीघ्र राहत प्रदान करवाने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में देवाराम पटेल, शिवकरण खीचड़ निम्बी, रामनिवास पटेल, रामेश्वर माली, जवानाराम बल्दू, हनुमान राम बल्दू, रामप्रसाद खीचड़ निम्बी जोधां, अयूब खां मोयल आदि शामिल रहे।






