सभी बैर भाव भुलाकर खम्मत-खामणा करके आत्मा के भीतर लौटें,
सामुहिक खम्मत खामणा कार्यक्रम आयोजित

लाडनूं (kalamkala.in)। शासनश्री मुनि विजय कुमार, तपस्वी मुनिश्री जयकुमार एवं शासन गौरव साध्वीश्री कल्पलता एवं वृद्ध सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वीश्री कार्तिक यशा के सान्निध्य में ‘क्षमा याचना’ का कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शासनश्री मुनि विजय कुमार ने कहा कि आज के दिन सभी से बैर भाव भुलाकर खम्मत-खामणा करना चाहिए। मुनि जयकुमार ने क्षमा याचना के दिन को मैत्री, त्याग व आत्म निरीक्षण का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि इस अष्ट दिवसीय पर्व के अंतर्गत हम लोग अपने आत्मा के भीतर लौटने का प्रयास करते हैं। हम कितना लौट पाए या नहीं लौट पाए, यह अलग बात है, परंतु हमारे भीतर एक उत्साह व भावना बनी रहती है। इस पर्व के अंतर्गत हमें आत्मा की सफाई करने का प्रयास करना चाहिए। अगर नहीं किया, तो हम अपनी आत्मा के साथ न्याय नहीं करते हैं। शासन गौरव साध्वीश्री कल्पलता ने कहा कि सूर्य तो उग गया, पर आत्मा में अभी तक अंधेरा छाया हुआ है। अगर हमने एक दूसरे से ‘खम्मत खामणा’ नहीं किया, किसी को तीखी बात, तीर की तरह चुभने वाली भाषा बोली, तो एक दूसरे से मैत्री सौहार्द व अपनत्व के भाव से ‘खमत खामणा’ अवश्य करें। हाकम कार्तिक यशा ने कहा कि तप, संयम व साधना का यह महापर्व प्रेरणा देता है कि आज हम अपनी आत्मा के मेल को उतारें और सभी के साथ मैत्री भाव बढ़ाएं। मुनि तन्मय कुमार ने सभी से खमत खामणा किया। साध्वी वृंद एवं मुनि वृंद ने अहमदाबाद में विराजित गुरुदेव एवं प्रमुखाश्री सभी चारित्रिक आत्माओं एवं लाडनूं में विराजित चारित्रिक आत्माओं सहित सभी सभा-संस्थाओं से भी खमत-खामणा किया। कार्यक्रम में जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़, तेरापंथी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र खटेड़, महिला मंडल की उपाध्यक्ष समता बोकड़िया, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष सुमित मोदी, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष शांतिलाल बैद, युवक परिषद लाडनूं के राजकुमार चौरड़िया, तेरापंथ प्रोफेशनल फॉरम के शोभन कोठारी, ओसवाल पंचायत से सुरेश मोदी आदि सभी ने सभी चारित्रिक आत्माओं से एवं संस्थाओं से ‘खम्मत खामणा’ किया। कार्यक्रम का संचालन तेरापंथ महिला मंडल की उप मंत्री पार्षद रेणु कोचर ने किया। कार्यक्रम में पूरे श्रावक-श्राविका समाज ने सामूहिक खमत खामणा किया।







