सरकार कबड्डी जैसे खेलों के लिए ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए अच्छे प्रशिक्षक लगाए और जिला मुख्यालयों पर बनाए खेल अकादामियां- बोदूराम चौधरी,
कबड्डी महाकुम्भ में चूरू अकादमी ने स्वर्ण पदक हासिल किया, सीकर को रजत पदक मिला, कबड्डी का दूसरा मुकाबला सोमवार को
अबरार अली बेरी, पत्रकार। डीडवाना (kalamkala.in)। ‘कबड्डी गांव-ढाणी की आत्मा मे बसा खेल है। राज्य सरकार को चाहिए कि वो छुपी प्रतिभाओं को उभारने के लिए खेलों के प्रति गंभीरता दिखाए। गांव-ढाणियों तक खेल के प्रशिक्षक हों, ऐसी व्यवस्था करें।’ यह बात पहले फाइनल मुकाबले में बतौर मुख्य अथिति पधारे राष्ट्रीय प्रशिक्षक रहे, सार्दुल स्कूल बीकानेर के वर्षो तक प्रशिक्षक रहे, कबड्डी के द्रोणाचार्य कहे जाने वाले बोदु राम चौधरी ने कही। चौधरी ने कहा कि राजस्थान का खेल किसी भी प्रदेश से लोहा ले सकता है, लेकिन हमारी सरकार का पर्याप्त ध्यान इस ओर नहीं होने के कारण हम संघर्षशील हैं। चौधरी ने कहा कि सरकार हर जिला मुख्यालयों पर अकादामियों की स्थापना करें, जिससे खेलों को बढ़ावा मिले।
19 वर्ष के स्वर्ण पर चूरू अकादमी का कब्ज़ा
आकोदा के शिशु विहार सी.सै. स्कूल में चल रहे कबड्डी महाकुम्भ का रविवार को पहला निर्णायक मुकाबला 19 वर्ष बालिका का चूरू अकादमी और सीकर के बीच खेला गया, जिसमें चूरू अकादमी ने शानदार खेल का परिचय देते हुए चैम्पियनशिप अपने नाम करली। सीकर ने अंत तक मुकाबले में बने रहने का प्रयास किया, लेकिन वक्त शायद चूरू अकादमी के पक्ष में था।यह मुकाबला करो या मरो जैसा था, जिसमें शुरुआती दौर मे सीकर काफी अच्छे प्रदर्शन के साथ बढ़त बनाए हुए रही, लेकिन आखिरी कवार्टर में चूरू ने शानदार बढ़त बना कर स्वर्ण पर अपना नाम अंकित कर डाला।
महावीर सिंह का किया भावभीना अभिनन्दन
सफ्ताह भर तक चले इस कबड्डी महाकुम्भ के लिए अपनी कृषिभूमि कोज्ञमैदान बनाने के लिए देने वाले महावीर सिंह राठौड़ का आयोजन समिति द्वारा अभिनंदन किया गया। संयोजक उगमा राम द्वारा उनको साफा व माला पहनाकर आभार जताया गया।समारोह में अलखपुरा सरपंच श्रवण बिजारणिया, गोमा राम खिलेरी आकोदा मंचस्थ रहे।
दर्शकों की अपार भीड़ ने तोड़ा रिकार्ड
सफ्ताह भर चली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिया में यह बड़ा रोचक रहा कि दिन भर भारी तादाद में लोग आए और दर्शक-दीर्घा खचाखच भरी रही। कृषि कार्य का समय होने के बावजूद भी दर्शकों की अच्छी तादाद वहां मौजूद रही।निर्णायक मुकाबले में दर्शकों ने सीकर के पक्ष मे जमकर हूटिंग की।दर्शकों ने आकोदा के शिशु विहार विद्यालय परिसर को एक खेल गाँव जैसा स्वरूप प्रदान किया।
सोमवार को होगा समापन और पुरुस्कार वितरण
उप जिला खेल अधिकारी राजेश कुमार धूत ने बताया कि प्रतियोगिता बहुत बेहतरीन तरीके से समापन की ओर अग्रसर है। 17 वर्ष वर्ग का निर्णायक मुकाबला सोमवार को प्रातः बीकानेर बनाम चूरू अकादमी के मध्य खेला जायेगा। धूत ने बताया कि मुकाबले के बाद पुरस्कार वितरण किया जायेगा। प्रतियोगिता को सफल बनाने के इस शानदार संचालन मे दातार सिंह राठौड़, भगवान सिंह राठौड़, वासुदेव बलारा, निशा सोनी, लिक्ष्मन सिंह राठौड़, कुशाला राम, पुष्पेंद्र महला, पारस परिहार, राम निवास पादड़ा, जसवीर सिंह, रामदेव ज्याणी, नानू राम, सुनील साहरण आदि अपनी सेवाएं दे रहे है।






