लाडनूं पंचायत समिति में 2.57 करोड़ के फंड की बदंरबांट करके खुर्द-बुर्द करने की साजिश,
विधायक और प्रधान पर पंचायत समिति के कोष को लेकर भेदभाव के आरोप,
पांच साल में कसूम्बी ग्राम पंचायत को एक पैसा भी नहीं दिया गया, भाजपा नेता जगदीश सिंह प्रेस के समक्ष गरजे
लाडनूं (kalamkala.in)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सदस्य, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश संयोजक एवं स्थानीय भाजपा नेता जगदीश सिंह राठौड़ ने लाडनूं पंचायत समिति में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत समिति राज्य सरकार से आए एसएफसी कोष के 2.57 करोड़ की राशि को कुछ चहेते सरपंचों के माध्यम से खुर्द-बुर्द करने की गहरी साजिश चल रही है। उन्होंने यहां प्रेसवार्ता में बताया कि क्षेत्र की कुल 34 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 6 ग्राम पंचायतों को एक-एक करोड़ की राशि की बंदरबांट की अनुशंसा कर दी गई और शेष के साथ पूरा भेदभाव बरता गया है। उन्होंने बताया कि ध्यावा, बाकलिया, कसूम्बी अलीपुर, मंगलपुरा, मीठड़ी, घिरड़ौदा मीठा, सिलनवाद, रोडू, सांवराद, सारड़ी, सुनारी, दुजार, चन्द्राई, तंवरा, ओड़ींट, गैनाणा व लाछड़ी ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जिन्हें कोई बजट पंचायत समिति नहीं देना चाहती है। उन्होंने बताया कि इनमें से कसूम्बी अलीपुर एक ऐसी ग्राम पंचायत है, जिसको पंचायत समिति ने पिछले पूरे पांच साल के कार्यकाल में कोई बजट आज तक नहीं दिया।
मनमानी नहीं चल पाई तो बीडीओ को टारगेट बनाया
जगदीश सिंह ने बताया कि स्थानीय पंचायत समिति को लाडनूं विधायक ने पूरी तरह से हैक कर रखा है। हाल ही में पिछली 14 अगस्त को पंचायत समिति की बैठक में विधायक ने उनकी बनाई गई सूची व अनुशंसा के अनुसार ही 2.57 करोड़ के बजट को ग्राम पंचायतों को आवंटित किए जाने को स्वीकृत किए जाने का दबाव विकास अधिकारी कुमुद सोलंकी पर बनाया, लेकिन इस भेदभाव पूर्ण बटवारे पर आपति जताते हुए विकास अधिकारी सोलंकी ने इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इस पर हो-हल्ला करते हुए विधायक ने उसके विरूद्ध निंदा प्रस्ताव पेश किया और उसे पारित करवाया। विकास अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताते हुए उस पर अपना नोट लगाकर जिला परिषद को भिजवा दिया है। जगदीश सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार किसी भी हालत बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पंचायत समिति के प्रधान द्वारा पद के दुरूपयोग का आरोप
भाजपा नेता जगदीश सिंह ने मांग की है लाडनूं क्षेत्र की जिस किसी ग्राम पंचायत को 50 लाख से ऊपर जो भी फंड जारी किया गया है, उसकी गहन जांच होनी चाहिए। पंचायत समिति के प्रधान के पद का दुरूपयोग हुआ है और हो रहा है, उसकी जांच भी होनी चाहिए। 2.57 करोड़ की राशि के उपयोग पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने पत्रकारों के समक्ष पंचायत समिति द्वारा 2020-21 से लेकर 2024-25 तक के ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए देय राशि एवं वर्तमान 2025-26 के लिए 2.57 करोड़ की राशि की अनुशंसाओं की प्रतियां वितरित की और भेदभाव व भ्रष्टाचार का पूर्ण खुलासा किया। उन्होंने पूर्व में लाडनूं की कुल 17 ग्राम पंचायतों में नियमविरूद्ध किए गए निर्माण कार्यों की जारी स्वीकृतियों ओर उनकी शिकायत की प्रति देते हुए बताया कि पंचायत समिति ने उस फंड में बिना राशि हुए भी स्वीकृतियां जारी कर दी थी। इस शिकायत की जांच में उन कामों का भुगतान रोक दिया गया था।







