अपहरण कर ले जाई गई नाबालिग बालिका को जसवंतगढ पुलिस ने मात्र 72 घंटों में मोमासर से किया दस्तयाब,
गिरफ्तार मुलजिम रतनलाल बावरी का लिया पुलिस रिमांड, उसके अन्य साथियों और अर्टिगा वाहन की पूछताछ जारी
लाडनूं (kalamkala.in)। जसवंतगढ पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण के प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 72 घंटों में श्री डूंगरगढ़ के मोमासर से अपहृत नाबालिग बालिका को दस्तयाब किया एवं अपहरणकर्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर पीसी रिमांड पर लिया है और उससे पूछताछ करके उसके अन्य साथियों एवं वारदात में प्रयुक्त वाहन के सम्बन्ध में जानकारी जुटाई जा रही है। इस वारदात की रिपोर्ट 5 अगस्त को अपहृत नाबालिग लड़की के पिता ने दर्ज करवाई, जिसमें बताया गया कि उनकी नाबालिग पुत्री रिश्तेदार के घर गई हुई थी, जिसको 5 अगस्त को सुबह 9.30 के करीब मुलजिम रतनलाल बावरी निवासी मोमासर वगैरह घर में घुसकर अपहरण कर ले गये।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा अर्टिगा गाड़ी से अपहरण का मामला
इस रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा नं-74/2026 को 6 अगस्त को धारा- 137 (2), 96, 127 (2), 189 (2) बीएनएस के तहत दर्ज किया और मामले में अनुसंधान प्रारंभ किया गया। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना स्तर पर एक पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम ने जांच शुरू करते हुए सीसीटीवी फुटेज चैक किए, तो पुलिस को इस नाबालिग बालिका को एक इर्टिगा गाड़ी में लेकर जाते हुए मुलजिम दिखाई दिये। फिर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य संकलित किये और उनका विश्लेषण किया। साथ ही पुलिस टीम द्वारा बेहतर फील्ड इंटलीजेंस के माध्यम से इस अपहृत नाबालिग बालिका को मोमासर (थाना श्री डूंगरगढ जिला बीकानेर) से दस्तयाब किया। यह सारी कार्रवाई पुलिस ने मात्र 72 घण्टों में करके दिखाया।
गिरफ्तार आरोपी का लिया पुलिस रिमांड
पुलिस ने अपहरण के आरोपी रतनलाल बावरी (22) पुत्र हड़मानराम बावरी, निवासी टंकी बास, गोगासर (थाना श्री डूंगरगढ, जिला बीकानेर) को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। इसके बाद मुलजिम को न्यायालय में पेश करके उसके लिए पुलिस रिमाण्ड मांगा जाकर वापस पुलिस अभिरक्षा में लिया। अब पुलिस मुलजिम से घटना में प्रयुक्त वाहन व वारदात में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में अनुसंधान कर रही है।
इस पुलिस टीम ने की सफल कार्रवाई
इस कार्रवाई में सफल रही पुलिस टीम में जसवंतगढ पुलिस थाने के थानाधिकारी राजेश कुमार, उप निरीक्षक फरमान खां, हेड कांस्टेबल सुखाराम, कांस्टेबल प्रदीप व सुरेन्द्र शामिल रहे। विशेष योगदान सब इंस्पेक्टर फरमान खां एवं कांस्टेबल प्रदीप व सुरेन्द्र का रहा।







