लाडनूं की वाल्मीकि बस्ती में धूमधाम से मनाई महर्षि वाल्मीकि जयंती

लाडनूं (kalamkala.in)। विश्वप्रसिद्ध महाकाव्य और भारत की सांस्कृतिक विरासत के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती को स्थानीय वाल्मीकि बस्ती में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पांजलि द्वारा सबने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जयंती कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भागचन्द चिंडालिया रहे। उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य का आदिकवि माना जाता है।सम्पूर्ण हिंदू समाज के आराध्य प्रभु श्रीराम की जीवन गाथा पर आधारित ग्रंथ ‘रामायण’ के रचयिता महर्षि वाल्मीकि थे। उनके इस महाकाव्य रामायण को सबसे प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है। उन्होंने बताया कि महर्षि वाल्मीकि का जन्म आश्विन महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देश भर में झांकियां और शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। वाल्मीकि मंदिरों में पूजन भी किया जाता है और राम-भजन भी होता है।
वाल्मीकि ने सबको सद्मार्ग दिखाया
कार्यक्रम में नगर पालिका के प्रशासनिक अधिकारी संजय बारासा ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना करके हर किसी को सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। नगर पालिका के एसआई महेंद्र कुमार ने महर्षि वाल्मीकि की जीवन गाथा की जानकारी देते हुए उनकी जयंती के महत्व कै बताया।
ये सब रहे कार्यक्रम में उपस्थित
कार्यक्रम में भागचंद चिंडालिया, संजय बारासा, महेंद्र कुमार, मांगीलाल बारासा, बजरंग लोहिया, जितेन्द्र पंवार, सूरज, गणेश चिंडालिया, संजय, ओमप्रकाश, मांगीलाल बारासा, बजरंग लोहिया, सुभाष तेजी, तेजकरण जसवंतगढ़, जितेंद्र पंवार, गणेश चिंडालिया, सूरज चंदेलिया, अशोक चंडालिया, विनय धवल, सन्नी चिंडालिया, सन्नी धवल, फूलचंद चंडालिया, पप्पूराम चंडालिया, शिवराज लोहिया, गणेश लोहिया, बाबूलाल सूर्या आदि उपस्थित रहे।






